नई दिल्लीः दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए सरकार ने इसमें छूट दी है। दिल्ली में निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। निर्माण कार्य रुकने से प्रभावित पंजीकृत मजदूरों के खातों में 10 हजार रुपये भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण AQI का स्तर बढ़ता जा रहा है। वायु की खराब गुणवत्ता के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी लोगों को हो रही हैं।
बुधवार को दिल्ली का AQI 328 रिकॉर्ड किया गया। यह बहुत खराब कैटेगरी में है। दिल्ली के कई इलाकों सुबह स्मॉग की मोटी परत छाई रही।

कब से लागू होगा ये निर्देश?
दिल्ली में श्रम विभाग ने कहा कि 18 दिसंबर से राजधानी में ऑफिसों और बिजनेस संस्थानों में सिर्फ 50 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी और बाकी स्टाफ घर से काम करेगा। सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जेल, स्वास्थ्य सेवाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बिजली और अन्य जरूरी डिपार्टमेंट सहित आवश्यक सेवाओं को इन पाबंदियों से छूट दी गई है। सभी रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को GRAP पाबंदियों के कारण कंस्ट्रक्शन बंद रहने की अवधि के दौरान काम के नुकसान के लिए मुआवजे के तौर पर 10,000 रुपये मिलेंगे।
इन नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर जुर्माना लगेगा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली भर के सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर सुबह 7 बजे AQI गंभीर रेंज से नीचे था। कुछ इलाकों में यह खराब जोन में रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली-एनसीआर में छाया कोहरा मुख्य रूप से खतरनाक हवा के कारण है। बिगड़ते एयर क्वालिटी लेवल के कारण राजधानी में GRAP IV प्रभावी है जो प्रदूषण पर सबसे सख्त पाबंदियां हैं।

















