बॉन्डी बीच आतंकी हमला: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर दो पाकिस्तानी आतंकी साजिद और नावेद के द्वारा की गई गोलीबारी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि ये दोनों बाप-बेटे आतंकी संगठन आईएसआईएस से प्रभावित थे। इसके अलावा इन्होंने फिलीपींस का दौरा भी किया था। उस दौरान इन दोनों ने खुद को भारतीय नागरिक बताया था।
फिलीपींस के इमिग्रेशन विभाग ने इसकी पुष्टि की है कि इसी वर्ष नवंबर में साजिद अकरम (50) और नावेद अकरम (24) ने फिलीपींस का दौरान किया था। ये दोनों ऑस्ट्रेलिया सिडनी से ही फिलीपींस पहुंचे थे। इसके बाद वहां से लौटने के बाद इन दोनों ने हनुक्का फेस्टिवल में कम से कम 15 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हमले में करीब 40-42 लोग घायल हुए, और मंगलवार तक 25 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
हमलावर कौन थे
पुलिस के मुताबिक, हमलावर एक पिता-पुत्र की जोड़ी थी। पिता का नाम साजिद अकरम (50 साल) और बेटे का नावेद अकरम (24 साल) बताया जा रहा है। साजिद पाकिस्तानी मूल के थे और ऑस्ट्रेलिया में आकर बसे थे, जबकि नावेद अकरम यहां पैदा हुआ था। नावेद ब्रिकलेर का काम करता था। हमले के दौरान पुलिस ने साजिद को गोली मारकर मार गिराया, जबकि नावेद अकरम को मौके पर गिरफ्तार किया गया। वो गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में पुलिस की निगरानी में है।
हथियार और सबूत
साजिद के पास 2023 में जारी गन लाइसेंस था और उनके नाम पर छह कानूनी बंदूकें दर्ज थीं। हमले में इस्तेमाल हुई बंदूकें भी इन्हीं में से लगती हैं, जिनमें राइफल और शॉटगन शामिल थे। नावेद की कार, जो घटनास्थल पर पार्क थी, से दो घरेलू आईएस झंडे और कुछ आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) मिले। पुलिस ने उनके घर पर छापा मारकर बाकी हथियार बरामद किए।
आईएसआईएस से कनेक्शन और फिलीपींस का ट्रिप
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि ये हमला आईएसआईएस से प्रेरित लगता है। पुलिस का शक है कि साजिद और नवेद पिछले महीने फिलीपींस गए थे, जहां उन्हें किसी तरह की ट्रेनिंग मिली हो सकती है। फिलीपींस में वो कहां गए और क्या किया, इसकी जांच चल रही है। न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर मल लैन्यन ने बताया कि इस ट्रिप का मकसद अभी पता लगाया जा रहा है।
2019 में भी ऑस्ट्रेलियाई इंटेलीजेंस की नजर में आया था नावेद
नावेद को 2019 में ऑस्ट्रेलियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन (ASIO) ने नजर में लिया था। उस वक्त उसे छह महीने तक जांचा गया क्योंकि उसके कुछ लोगों से संपर्क थे, जो आईएस से जुड़े एक सेल से लिंक थे। लेकिन तब कोई बड़ा एक्शन नहीं हुआ। पुलिस इसे आतंकी घटना और यहूदी समुदाय पर टारगेटेड अटैक बता रही है। जांच जारी है, और गन लॉ में बदलाव की भी बात हो रही है।

















