देहरादून । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने दून कल्चरल एंड लिटरेरी सोसायटी द्वारा आयोजित ‘‘क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल’’ का शुभारंभ किया। फेस्टिवल के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल मात्र मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज, न्याय और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर गंभीर संवाद की राह खोलता है।
सामाजिक जागरूकता का संदेश
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की शांत और आध्यात्मिक भूमि पर इस प्रकार के आयोजन का होना दर्शाता है कि समाज वर्तमान चुनौतियों के प्रति सजग, संवेदनशील और उत्तरदायी है।
बदलते अपराध स्वरूप और नई चुनौतियाँ
राज्यपाल ने कहा कि आज अपराध की प्रकृति तेजी से बदल रही है, जिसमें साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड, ड्रग्स से जुड़े मामले और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग जैसे नए खतरे सामने आ रहे हैं। ऐसे समय में युवाओं के लिए तकनीकी जागरूकता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल समाज में सतर्कता, संवेदनशीलता और नई सोच को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।
पुलिस बल के समर्पण की प्रशंसा
राज्यपाल ने पुलिस बल के समर्पण, कठिन परिश्रम और जनसेवा की भावना की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाती बल्कि समाज की सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। राज्यपाल ने कहा कि साहित्य नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद, समझ और सहयोग बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है।
प्रसिद्ध हस्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक केतन मेहता ने भी आयोजन की सराहना की और इसे समाजहित में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी अशोक कुमार, आलोक लाल, रणधीर अरोड़ा सहित अनेक साहित्यकार, चिंतक और विचारक उपस्थित रहे।

















