उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी काशी में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस द्वारा इन दिनों विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सिगरा, नदेसर, बड़ागांव समेत कई जगहों पर पुलिस की टीमें लगातार चेकिंग अभियान चला रही हैं।
500 संदिग्धों की पहचान, दस्तावेज जांच जारी
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि अब तक जिले में करीब 500 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है। इन सभी से आधार कार्ड, वोटर आईडी सहित अन्य विवरण जांच के लिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल और असम निवासी बताने का दावा लेकिन दस्तावेज गायब
इन लोगों ने खुद को पश्चिम बंगाल या असम का निवासी बताया है, लेकिन उनके पास वहां का स्पष्ट दस्तावेज नहीं हैं। सभी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऐसे संदिग्धों को एक सप्ताह का समय दिया गया है कि वे अपनी जन्म-तिथि, नागरिकता और मूल निवास स्थान के वैध प्रमाण प्रस्तुत करें। ऐसे लोग झुग्गियों झोपड़ियों में सड़कों के किनारे रहते हुए मिल रहे हैं।
दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विशेष टीम रवाना होगी
इनके दस्तावेजों के सत्यापन के लिए वाराणसी पुलिस की विशेष टीमें शीघ्र ही पश्चिम बंगाल और असम रवाना होंगी। यदि दस्तावेज फर्जी पाए गए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस आयुक्त ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहर की झुग्गी-झोपड़ियों में ऐसे संदिग्धों की संख्या काफी है। यह भी जांच की जा रही है कि इन संदिग्धों को शरण देने या बसाने में कोई स्थानीय व्यक्ति या संगठन शामिल तो नहीं है। इसके लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।

















