मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के गणेशगंज मोहल्ले में 5 दिसंबर की रात एक घर में घुसकर एक युवती के ऊपर ब्लेड से जानलेवा हमला किया गया। इस मामले का मुख्य अभियुक्त अब्दुल उर्फ सैफ का शव मंगलवार को शहर के बरिया घाट पर गंगा नदी में मिला। पुलिस की चार टीमें जिस आरोपी की धड़पकड़ में दिन-रात जुटी थीं, उसका शव उसके घर से महज आधा किलोमीटर दूर नदी में तैरता मिला।
तनाव पर पुलिस ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का दिया आश्वासन
सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, अभियुक्त अब्दुल उर्फ सैफ ने कथित तौर पर हिंदू युवती पर कन्वर्जन के लिए दबाव बनाया था। युवती के इनकार करने पर 5 दिसंबर की रात वह उसके घर में घुस आया और ब्लेड से गला रेतने की कोशिश की थी। युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। मामले में भारी जनाक्रोश के बाद सोमवार शाम को हिंदू संगठनों ने मशाल जुलूस निकाला और संकटमोचन मंदिर के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। मौके पर पहुंचे एसपी सोमेन बर्मा ने 72 घंटे में आरोपी को पकड़ने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
संभावित ठिकानों पर छापेमारी के बीच गंगा में मिला मुख्य आरोपी का शव
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित की थीं और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी बीच मंगलवार को उसका शव गंगा में मिलने से सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर फैलते ही बरिया घाट पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। इस मामले में अब तक कुल 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। 8 दिसंबर को पुलिस ने 7 आरोपियों को दबोचा था। गिरफ्तार आरोपियों में अब्दुल का जीजा रुस्तम खाँ, गुलाम साबिर उर्फ कल्लू, बहन शमायरा उर्फ धन्नो, शायरा, चाचा निजामुद्दीन उर्फ कल्लू, मुन्ना उर्फ बदरुद्दीन और दोस्त वारिस उर्फ गोलू शामिल हैं। इसके अलावा साजिश में शामिल दो अन्य आरोपियों – ईलू उर्फ इरशाद (निवासी नागकुण्डी बोली, कंतित, थाना विंध्याचल) और मोहम्मद राजू (निवासी कचहरी, थाना कैंट, वाराणसी) को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
















