मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज और देश को विभाजित करने वालों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे लोग जयचंद और मीरजाफर जैसा पाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तोड़ने के लिए बहुत से लोग हैं। कोई जाति के नाम पर, कोई क्षेत्र और कोई भाषा के नाम पर बांट रहा है। समाज और देश तोड़क इन तत्वों को जब सत्ता में आने मौका मिलता है तो वे सिर्फ अपने और परिवार के बारे में सोचते हैं। परिवार के लिए प्रॉपर्टी, विदेश में होटल और द्वीप खरीदते हैं। ऐसे लोग देश को दरिद्र करने का षड्यंत्र करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जाति, क्षेत्र आदि के नाम के तात्कालिक लॉलीपॉप से समाज और देश का कल्याण नहीं हो सकता। देश का कल्याण तभी होगा जब भेदभाव नहीं होगा, सबमें एकता होगी।
सीएम योगी मंगलवार को सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने एक हजार से अधिक की क्षमता के ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का भी अनावरण किया और महान सैन्य नायक को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की तरफ से कराई गई है। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को याद किया तथा देश के समसामयिक हालात पर भी चर्चा करते हुए विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिलाए गए पंच प्रणों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत को पंच प्रण के प्रति समर्पित योद्धा बताते हुए कहा कि हम सभी को पंच प्रणों को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया था कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक हमें कैसा भारत चाहिए, इसके लिए एक कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई सच्चा भारतीय गरीब, असुरक्षित या कमजोर भारत चाहता होगा? इसका जवाब भी उन्होंने खुद दिया और कहा कि एक सच्चा भारतीय मजबूत, विकसित और आत्मनिर्भर भारत ही चाहेगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है तो वह सच्चा भारतीय हो ही नहीं सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अगर विकसित और सुरक्षित बनाना है तो पीएम मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के पहले प्रण ‘विरासत पर गौरव की अनुभूति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों, महापुरुषों को का सम्मान करना होगा। श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति वीर शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई की विरासत और परंपरा पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके समाज प्रगति नहीं कर सकता। इसमें किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि हमें गुलामी की मानसिकता को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। देश में बनी चीज खराब और विदेशी विदेशी ही अच्छा है, इस सोच को तिलांजलि देनी होगी। हम अपने बल पर सबकुछ देश में ही खड़ा करके दिखाएंगे, हमें इस मानसिकता के साथ आगे बढ़ाना है। देश और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़े हैं। पीएम मोदी के दूसरे प्रण को और विस्तार से समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिकंदर को महान क्यों कहें? हमारे लिए महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, जनरल बिपिन रावत और परमवीर चक्र विजेता सैनिक महान हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए विदेशी आक्रांता महान नहीं हो सकते।
नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजग होने का आह्वान करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड यूनियन का भी उल्लेख किया। कहा कि ट्रेड यूनियन जहां भी विकसित हुई, वहां उसने व्यवस्था को नष्ट कर दिया। हमारी मांगें पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो, यह हमारा नारा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का खाद कारखाना 1990 के पहले चालू था। 1990 में यहां ट्रेड यूनियन की बीमारी घुसी और यह हमेशा के लिए बंद हो गया। उन्होंने 1996 से लेकर 2016 तक, 20 वर्षों निरंतर संघर्ष किया। सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी तब जाकर यहां नया खाद कारखाना शुरू हो पाया। अब यहां का कारखाना पहले से तीन गुना अधिक उत्पादन करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक गोरखपुर के सैनिक स्कूल की चर्चा करते हुए कहा कि यह सैनिक स्कूल सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। यहां बालकों के साथ ही बालिकाओं के लिए भी आवासीय व्यवस्था में अध्ययन की सुविधा है। वर्ष 2018 में उन्होंने यूपी के सैनिक स्कूल में बालिकाओं के लिए अलग से आरक्षण शुरू किया। वर्तमान में गोरखपुर सैनिक स्कूल में 75 बालिकाएं और 235 बालक, कुल 310 कैडेट्स शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने कहा कि सैन्य सेवा के जरिये जनरल बिपिन रावत का देश हित में योगदान स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। वह बिना भय अपनी बात रखने वाले बेबाक इंसान थे। उन्होंने कहा कि सैनिक जीवन में भावुकता का रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण होता है। जनरल रावत इसे खूब समझते थे। उन्होंने कठोरता और संयम के बीच समन्वय बनाते हुए कभी दूसरों की भावनाओं को आहत नहीं होने दिया। उन्होंने जो राह बनाई वह सभी सैनिकों के लिए आदर्श और प्रेरक है।

















