नई दिल्ली, (हि.स.): इंडिगो एयरलाइन संकट के बीच यात्रियों से अत्यधिक किराया वसूलने वाली अन्य एयरलाइनों पर कार्रवाई करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को अपनी नियामक शक्ति का इस्तेमाल करके सभी प्रभावित मार्गों पर हवाई किराए की अधिकतम सीमा तय कर दी है। मंत्रालय की ओर से सभी एयरलाइंस को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है, जिसमें अब तय की गई किराए की अधिकतम सीमा का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। आदेश के मुताबिक, एयरलाइन तय की गई इस नई सीमा से ज़्यादा किराया नहीं वसूल सकतीं। यह नियम तब तक लागू रहेगा जब तक इंडिगो की स्थिति पूरी तरह से सुधर नहीं जाती और उड़ानें सामान्य नहीं हो जातीं।
सरकार ने कहा है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि संकट में फंसे यात्रियों का किसी भी तरह से शोषण होने से रोक सकें और जिन नागरिकों को तुरंत यात्रा करने की जरूरत है, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, छात्र और मरीज शामिल हैं, उन्हें इस दौरान वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय अब इन एयरलाइन पर लगातार नजर रखेगा। वे एयरलाइंस और ऑनलाइन टिकट बेचने वाली वेबसाइटों से वास्तविक समय डेटा लेते रहेंगे। अगर कोई एयरलाइन तय कीमत से ज़्यादा किराया लेती पाई गई, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
इंडिगो को प्रभावित यात्रियों का पैसा वापस करने का आदेश
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को इंडिगो की उड़ानें रुकने से यात्रियों की परेशानी और रिफंड की देरी के मद्देनजर सख्त रवैया अपनाते हुए एयरलाइन को तत्काल पैसा लौटाने का आदेश दिया है। मंत्रालय ने आदेश दिया है कि रद्द या रुकी हुई सभी उड़ानों का रिफंड प्रक्रिया रविवार रात 08:00 बजे तक हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। एयरलाइन अब उन यात्रियों से कोई दोबारा बुकिंग का शुल्क नहीं लेगी, जिनकी यात्रा योजना रद्द होने से प्रभावित हुई है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि पैसे वापसी में थोड़ी भी देरी या नियमों का उल्लंघन होने पर तुरंत कानूनी, नियामक कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, यात्रियों की शिकायतों को तुरंत सुनने के लिए, इंडिगो को एक समर्पित विशेष सहायता और रिफंड सुविधा सेल बनाने का आदेश दिया गया है। ये सेल खुद ही प्रभावित यात्रियों से संपर्क करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि रिफंड या दूसरी यात्रा का इंतजाम बिना बार-बार फॉलो-अप के हो जाए। ऑपरेशन सामान्य होने तक ऑटोमैटिक रिफंड सिस्टम चालू रहेगा।
मंत्रालय ने इंडिगो को कहा है कि कैंसल या देरी के कारण यात्रियों से अलग हुए सभी सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उनके घर के पते पर डिलीवर किया जाए। अगर जरूरी हुआ, तो एयरलाइन को मौजूदा नियमों के तहत यात्रियों को मुआवजा भी देना होगा। मंत्रालय का कहना है कि वे इस पूरे संकट के दौरान यात्रियों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों, बीमार, छात्र और जरूरी यात्रा वाले लोगों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए निगरानी और सख्ती कर दी गई है। मंत्रालय जल्द से जल्द उड़ानों को पूरी तरह सामान्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
















