पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में तृणमू कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद का शिलान्यास शनिवार दोपहर को किया। उन्होंने भारत पर आक्रमण करने वाले मुगल आक्रांता बाबर और बाबरी ढांचे की याद में यह मस्जिद बनाने की घोषणा की थी। बताया जा रहा है कि वहां करीब 2 लाख लोग पहुंचे हैं।
बीजेपी समेत कई दलों ने हुमायूं कबीर का विरोध किया है। क्योंकि उन्होंने ऐसा करके न केवल हिंदू आस्था को चोटिल किया बल्कि चुनौती भी दे दी है। उनका कहना है कि उनकी कौम उनके साथ है। देश में सद्भाव न बिगड़े इसलिए हिंदू संगठनों ने भी हुमायूं के कदम का विरोध किया था। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बंगाल में चुनाव को देखते हुए हुमायूं ने यह चाल चली है। लेकिन यह तरीका ठीक नहीं है।

















