नक्सलवाद, कन्वर्जन और टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ पर बोले CM विष्णु देव साय, बताया भविष्य का विजन
June 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत छत्तीसगढ़

नक्सलवाद, कन्वर्जन और टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ पर बोले CM विष्णु देव साय, बताया भविष्य का विजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण और संतोष देने वाली योजना महतारी वंदन योजना है। इस योजना के तहत हम सत्तर लाख विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने एक हज़ार रुपए सीधे उनके खाते में भेज रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिली है।

Written byMahak SinghMahak Singh — edited by Sudhir Kumar Pandey
Dec 2, 2025, 07:50 pm IST
in छत्तीसगढ़
पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर जी के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी

पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर जी के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में पाञ्चजन्य द्वारा दंतेश्वरी डायलॉग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी से पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर जी ने छत्तीसगढ़ के भविष्य और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। पेश हैं प्रमुख अंश –

प्रश्न- आपकी सरकार के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। इन दो वर्षों के कार्यकाल में ऐसा कौन-सा एक निर्णय या नीति रही है, जिसे आप छत्तीसगढ़ की दिशा बदलने वाला और नई राह दिखाने वाला सबसे महत्वपूर्ण कदम मानते हैं?

उत्तर- उपलब्धियां तो बहुत हैं लेकिन मुझे लगता है कि हमारी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण और संतोष देने वाली योजना महतारी वंदन योजना है। इस योजना के तहत हम सत्तर लाख विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने एक हज़ार रुपए सीधे उनके खाते में भेज रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिली है। जब हम कार्यक्रमों में महिलाओं से मिलते हैं और उनकी खुशियाँ देखते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। उनसे जब यह पूछते हैं कि इस पैसे का उपयोग कैसे कर रही हैं, तो वे अलग-अलग उदाहरण बताती हैं। कोई कहती है कि अपनी बेटी के नाम पर कन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाकर यही पैसा जमा कर रही हैं। कोई बताती है कि बच्चों की पढ़ाई और घर-रसोई के खर्च में यह सहायता काम आ रही है। कुछ गाँवों में महिलाएं मिलकर चंदा इकट्ठा कर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने में भी यह राशि लगा रही हैं। यह सब सुनकर हमें बहुत खुशी और गर्व होता है। इसीलिए, कई उपलब्धियों में से महतारी वंदन योजना हमें सबसे अधिक संतोष देने वाली उपलब्धि लगती है।

प्रश्न- छत्तीसगढ़ की पहचान अब तक अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था पर आधारित रही है। लेकिन बदलते समय में जब पूरी दुनिया टेक्नोलॉजी-ड्रिवन डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है, तो क्या आपकी सरकार छत्तीसगढ़ को इस पारंपरिक फ्रेम से आगे बढ़ाते हुए एक टेक-ड्रिवन राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है? विशेषकर नई पीढ़ी के लिए क्या एआई, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री, ग्रीन टेक्नोलॉजी और उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए कोई स्पष्ट ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है?

उत्तर- छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है। यहां खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, वन संपदा भी अत्यधिक है और सैकड़ों प्रकार के वनोपज हमारे लिए आय का बड़ा स्रोत हैं। मैं अक्सर कहता हूं कि यहाँ की मिट्टी भी उर्वरता से भरपूर है और छत्तीसगढ़ के लोगों के विषय में यह कहा जाता है कि यहां देश के सबसे मेहनती और कुशल किसान हैं। लेकिन हम यह भी समझते हैं कि यदि हमें अपने बेटा-बेटियों को रोजगार देना है, तो केवल सरकारी नौकरियों के माध्यम से यह संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिसकी सराहना न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी हो रही है।

नई उद्योग नीति लागू हुए अभी लगभग एक वर्ष हुआ है। इस अवधि में दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और बेंगलुरु में इन्वेस्टर समिट आयोजित किए गए। इसके साथ ही जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशकों से लगातार संवाद किया गया। इस प्रयास का परिणाम यह है कि अब तक आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह केवल प्रस्तावों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। जैसे- सेमीकंडक्टर प्लांट और डेटा सेंटर स्थापना का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी तरह अनेक उद्योगिक परियोजनाएं भी शुरू हो चुकी हैं। हमारा लक्ष्य है कि उद्योग-धंधों के माध्यम से अधिक से अधिक निवेश यहां आए और हमारे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिले। नई उद्योग नीति में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई उद्यमी एक हजार करोड़ रुपये का निवेश करता है या एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देता है, तो उसे विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार, उद्योग क्षेत्र को सुदृढ़ बनाते हुए हम छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों पर आगे बढ़ाना चाहते हैं।

प्रश्न- छत्तीसगढ़ की पहचान में बस्तर और उसका दर्द नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक ओर भोले-भाले जनजातीय युवाओं की उग्रवाद में जबरन भर्ती, और दूसरी ओर उसी संघर्ष के नाम पर शहरों में विमर्श व फंडिंग इन दोनों दबावों ने राज्य को लंबे समय तक परेशान किया है। अब जब डबल इंजन की सरकार इस स्थिति में सुधार का दावा कर रही है, तो बस्तर के स्थायी शांति और विकास का आपका मॉडल क्या है?

उत्तर-  बस्तर क्षेत्र बहुत बड़ा और बेहद सुंदर इलाका है। पहले यह एक ही ज़िला था, जो केरल से भी बड़ा होता था, लेकिन अब कई जिलों में बंट चुका है। यहां कई खूबसूरत झरने, कुटुमसर की गुफा, भुजमार जैसा घना जंगल और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। विकास में सबसे बड़ी बाधा कभी नक्सलवाद रहा लेकिन अब डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद समाप्ति की ओर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का संकल्प है कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। हमारी सरकार बनने के बाद तेजी से कार्य शुरू हुआ है। अब बस्तर में विकास के लिए कई मॉडल अपनाए जा रहे हैं। जैसे- पर्यटन को बढ़ावा देना, होम स्टे के जरिए स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ देना, सिंचाई सुविधाएं बढ़ाना, पशुपालन व दुग्ध उत्पादन में सुधार करना। जनजातीय समाज की आजीविका को मजबूत करने के लिए अच्छी नस्ल की गायें दी जा रही हैं और दूध का संग्रहण राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही यहां के वन उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें उचित कीमत दिलाने की दिशा में भी काम हो रहा है।

प्रश्न- कांग्रेस सरकार नक्‍सलवाद से निपटने में कम प्रतिबद्ध क्यों दिखी, जबकि इससे उनके अपने नेताओं को नुकसान हुआ? क्या सरकार नक्‍सलवाद के प्रति हमदर्द थी?

उत्तर- अगर पिछले समय को देखा जाए, तो उनके शासनकाल में नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से कोई लड़ाई नहीं लड़ी गई। उनके नेताओं की हत्या भी आतंकवादियों ने की। जब ये लोग सरकार में थे, तो कहते रहते थे कि नक्सली हमलों को रोकने की ताकत उनके पास है। उस समय जो मुख्यमंत्री विपक्ष में थे, वे कहते थे कि यह संभव नहीं है लेकिन जब वे खुद सरकार में आए, तो उनके पास कोई सबूत नहीं था। उस समय नक्सली यह कहते थे कि अब तो हमारी सरकार है। इससे क्या अंदाजा लगाया जा सकता है? हम यह समझते हैं कि इनके और नक्सलियों के बीच मित्रता थी।

प्रश्न- कन्वर्जन के मामले पर अभी काफी चर्चा हो रही है और इसका असर समाज पर भी दिखाई दे रहा है। समाजशास्त्रियों का कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं बल्कि समाज की संरचना से जुड़ा है। आप कन्वर्जन की इस चुनौती और आम लोगों पर इसके प्रभाव को कैसे देखते हैं?

उत्तर- मैं छत्तीसगढ़ के पूर्वी क्षेत्र के एक ऐसे जिले से आता हूं, जहाँ पहले एक बड़ा चर्च था। उस समय वहाँ कुछ घटनाएं होती थीं, जिन पर लोगों में चिंता रहती थी। क्षेत्र में गरीबी भी बहुत थी लोग महुआ जैसी चीजें खाकर गुजारा करते थे, और कई बार वह भी नसीब नहीं होता था। ऐसे समय में बाहर से कुछ लोग मदद के नाम पर लोगों को अपने धर्म में शामिल करने की कोशिश करते थे। यह मेरे व्यक्तिगत अनुभव और सुनाई गई बातों पर आधारित है। उस क्षेत्र में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का केंद्रीय कार्यालय भी है। हमारे जशपुर राजपरिवार के पूर्वज स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी (जो 5 बार सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री भी रहे) ने घर‑वापसी के कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया। आज उनके पुत्र, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी भी इसी दिशा में प्रयास कर रहे हैं। यह उनके परिवार का अपना सामाजिक दृष्टिकोण है। हम सब मानते हैं कि भारत एक धर्म‑निरपेक्ष देश है यहाँ हर व्यक्ति को अपनी पसंद का धर्म अपनाने का अधिकार है। लेकिन अगर गरीबी, अशिक्षा या लालच का फायदा उठाकर किसी को दूसरे धर्म में ले जाया जाता है, तो यह समाज के लिए ठीक नहीं है यह मेरी व्यक्तिगत राय है। इस विषय में हमारे प्रदेश में कानून भी मौजूद है।

Topics: Chhattisgarh Women EmpowermentPanchjanya Program RaipurPanchajanyaAchievements of ChhattisgarhKanya Samriddhi YojanaVishnu Dev Sai Government AchievementMahtari Vandan YojanaFuture and Development of Chhattisgarhपाञ्चजन्य दंतेश्वरी संवादDanteshwari Dialogues programPanchajanya Danteshwari DialogueChhattisgarh DevelopmentCM Vishnu Dev SaiChhattisgarh Government Schemes
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पाञ्चजन्य के कार्यक्रम में कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. श्रीनिवास वरखेडी

“वसुधैव कुटुम्बकम्: शिक्षा और वैश्विक परिवर्तन का सूत्र”

मकर संक्रांति और पाञ्चजन्य: जब सूर्य के उत्तरायण होने के साथ शुरू हुआ राष्ट्र धर्म का नया अध्याय

बस्तर ओलंपिक-2025 का अमित शाह ने किया समापन, कहा- नक्सलवाद खत्म होते ही विकास की होगी नई शुरुआत

प्रांत संघचालक टोपलाल जी

दंतेश्वरी डायलॉग: गुरु तेग बहादुर जी पूरे राष्ट्र के लिए हैं प्रेरणा स्रोत – टोपलाल जी

पूर्णेन्दु जी

पाञ्चजन्य दंतेश्वरी डायलॉग: बस्तर की खराब छवि खत्म, अब विकास और शांति की पहचान बनेगा- पूर्णेन्दु जी

देखिये VIDEO: धराशायी हुआ वामपंथ का झूठ, ASI ने खोजी सरस्वती नदी; मिली 4500 साल पुरानी सभ्यता

Load More

ताज़ा समाचार

राहुल गांधी

विशेष रिपोर्ट : बोलने से पहले इतिहास पढ़ें ‘राहुल’

प्रतीकात्मक तस्वीर

बुलंदशहर: हनुमान मंदिर में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल, तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज 

डॉ. चिन्मय पण्ड्या कनाडा के ओंटारियो संसद द्वारा सम्मानित, शांतिकुंज की वैश्विक पहुंच बढ़ी

Dehradun police Encounter

देहरादून: नाकेबंदी के दौरान Swift कार से बैरियर तोड़ा, पुलिस पर फायरिंग; रिंकू मीणा गोली लगने से घायल, एक गिरफ्तार

Love Jihad Islamic conversion Bhopal

भोपाल में फिर ‘लव जिहाद’: नाबालिग किशोरियों का अपहरण, दुष्कर्म और इस्लामिक कन्वर्जन का दबाव, 3 आरोपी गिरफ्तार

केरलम के सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही, मरीज के सर्जिकल घाव में रेंगते मिले कीड़े

मोदी सरकार में पूर्वोत्तर बना भारत का विकास इंजन

देहरादून FRI रेंजर्स कॉलोनी की भूमि बना दी मजार, वक्फ में भी दर्ज किया पर दस्तावेज नहीं दिखा सके

US Cloude Mythos

Anthropic ने चुनिंदा भारतीय कंपनियों को Claude Mythos AI मॉडल का एक्सेस दिया, क्या होंगे फायदे?

कॉर्पोरेट जिहाद: विप्रो में भी TCS वाला पैटर्न, हिंदू महिला का इस्लामिक कन्वर्जन और ‘शेख’ से संबंध बनाने का दबाव

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies