अयोध्या, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित वह पवित्र नगरी है जिसे भगवान श्रीराम की जन्मभूमि माना जाता है। यह शहर प्राचीन काल से ही हिंदू आस्था, संस्कृति और धर्म का केंद्र रहा है। सरयू नदी के तट पर बसे इस नगर का वर्णन रामायण सहित अनेक धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां स्थित मंदिरों की भव्यता, अध्यात्मिक वातावरण और ऐतिहासिक महत्ता हर श्रद्धालु को अपने प्रति आकर्षित करती है। अयोध्या के मंदिरों में धार्मिक मान्यता के साथ-साथ भारतीय कला और वास्तुकला की अनोखी झलक देखने को मिलती है। आइए जानते हैं अयोध्या के कुछ प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में-
श्री राम जन्मभूमि मंदिर- अयोध्या का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित मंदिर है श्री राम जन्मभूमि मंदिर। इसी स्थान को भगवान राम का जन्मस्थल माना जाता है। आधुनिक इतिहास में यह स्थल काफी चर्चाओं, संघर्षों और न्यायिक प्रक्रियाओं से गुजरा, और अंततः आज यहां भव्य राम मंदिर बना। मंदिर की वास्तुकला प्राचीन भारतीय नागर शैली पर आधारित है। विशाल प्रांगण, ऊँचे शिखर और नक्काशीदार स्तंभ इसे देखने वाले हर व्यक्ति के लिए दिव्य अनुभव प्रदान करते हैं। यहां प्रतिदिन लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं और रामलला के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते हैं।
हनुमानगढ़ी मंदिर- हनुमानगढ़ी अयोध्या का दूसरा सर्वाधिक पूजनीय मंदिर माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम के वनवास के समय हनुमान जी ने अयोध्या की रक्षा का जिम्मा लिया था, और यही उनका प्रमुख निवासस्थान रहा। पहाड़ी के ऊपर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों की एक लंबी श्रृंखला चढ़नी पड़ती है। मंदिर के भीतर हनुमान जी की माता अंजनी की गोद में बाल स्वरूप मूर्ति स्थापित है। रक्षा और शक्ति का प्रतीक यह मंदिर हर भक्त को आत्मबल और विश्वास प्रदान करता है।
कनक भवन- कनक भवन अपनी सुंदरता और सजावट के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि यह भवन भगवान राम और माता सीता के विवाह के बाद रानी कौशल्या ने उन्हें उपहार में दिया था। यहां सोने-जड़ित सुंदर प्रतिमाएं और दीवारों पर की गई कलाकारी मन को मोह लेती है। पूरे भवन में प्रेम, आनंद और सौभाग्य का वातावरण महसूस होता है, इसलिए इसे “सोने का घर” भी कहा जाता है।
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दशरथ महल- अयोध्या के राजा और भगवान राम के पिता महाराज दशरथ का यह महल मंदिर रूप में पूजनीय है। इसे राजसी वास्तुकला और रंगीन सजावट के लिए जाना जाता है। रामचरित में वर्णित परिवारिक भावनाओं को यह स्थल आज भी जीवंत रखता है।
नागेश्वरनाथ मंदिर- यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और अयोध्या के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि श्रीराम के पुत्र कुश द्वारा इसकी स्थापना की गई थी। शिवरात्रि के दौरान यहां भव्य मेले और पूजा-अर्चना का आयोजन होता है। मंदिर के आस-पास का वातावरण अत्यंत पवित्र माना जाता है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यहां उमड़ती है।

















