मसूरी में एक खास मौके पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी लताड़ लगाते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में अच्छा सबक सिखाने के बाद भी वह अभी सुधरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कारण सीमा पर तनाव आज भी वैसा ही बना हुआ है।
रक्षा मंत्री ने ये बातें मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) का 100वां फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही। मौजूद प्रशिक्षु अफसरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सेवा में हर हाल में तैयार रहना चाहिए, जैसे हमारे जवान फ्रंटलाइन पर डटे रहते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय हित की रक्षा को सबसे ऊपर रखने की नसीहत दी।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी बातचीत में पाकिस्तान की नापाक हरकतों का जिक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान और पीओके के आतंकी कैंपों को ध्वस्त कर दिया था। ये ऑपरेशन सैनिकों के अदम्य साहस का नमूना था। लेकिन अफसोस, पाकिस्तान ने इससे कोई सबक नहीं लिया। बॉर्डर पर तनाव आज भी वैसा ही बना हुआ है। सिंह ने साफ शब्दों में कहा, “हमने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया, फिर भी उसने सीमा पर हालात सामान्य नहीं होने दिए।”
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
इस मौके पर विकसित भारत के लक्ष्य पर बात करते हुए कहा कि 2047 तक हमें एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा में बेहतर तालमेल जरूरी है। पीएम नरेंद्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ और ‘सुधार, प्रदर्शन एवं परिवर्तन’ के नारे को दोहराते हुए उन्होंने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया। आंकड़ों की बात करें तो 2014 में जब एनडीए सरकार आई, भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। आज हम चौथे नंबर पर हैं। मॉर्गन स्टेनली जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि दो-तीन सालों में भारत तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है। ये प्रगति देखकर गर्व होता है, लेकिन अभी बहुत कुछ करने को बाकी है।
कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह से पहले सिंह ने पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री और सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद किया। उन्होंने दोनों की मूर्तियों पर पुष्पांजलि चढ़ाई। साथ ही, अकादमी में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) गैलरी का उद्घाटन भी किया। ये गैलरी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का एक अच्छा प्रयास है।

















