भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने शुक्रवार अपराह्न को वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए ₹17,440 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया, जिसमें खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बजट मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मोहन चरण माझी द्वारा सदन में रखा गया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह अतिरिक्त प्रावधान राज्य में चल रहे कल्याणकारी और विकासात्मक कार्यक्रमों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एक कल्याणकारी राज्य की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए संसाधनों के प्रभावी पुनर्विनियोजन और उपलब्ध बंधित निधियों के उपयोग के प्रति प्रतिबद्ध है।
वित्त विभाग के अनुसार, राज्य योजनाओं के बढ़े हुए व्यय, केंद्र प्रायोजित योजनाओं में वृद्धि, आकस्मिक निधि की पुनर्पूर्ति और विभिन्न लेखा समायोजनों के चलते अनुपूरक प्रावधान की आवश्यकता पड़ी। बजट में ₹3,389 करोड़ प्रशासनिक व्यय और ₹13,716 करोड़ कार्यक्रम व्यय के तहत रखा गया है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन व राज्य-स्तरीय हस्तांतरणों के लिए भी राशि निर्धारित की गई है।
खाद्य सुरक्षा को सबसे अधिक आवंटन
कार्यक्रम व्यय का एक बड़ा हिस्सा किसानों के कल्याण और खाद्य सुरक्षा योजनाओं के लिए निर्धारित किया गया है। खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण विभाग को ₹4,329 करोड़ का सबसे बड़ा आवंटन मिला है। इसमें धान खरीद के लिए ₹3,000 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) सब्सिडी के लिए ₹1,325 करोड़ शामिल हैं। इसके अलावा समृद्ध कृषक योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सहायता और इनपुट सब्सिडी के लिए ₹850 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन, डेयरी और मत्स्यजीवी आधारित आजीविका को समर्थन देने के लिए भी धन आवंटित किया गया है। सहकारी बैंकों और PACS के लिए ₹300 करोड़ ब्याज सब्सिडी तथा भूजल विकास परियोजनाओं के लिए ₹100 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र को मिला ₹2,327 करोड़
शिक्षा इस अनुपूरक बजट के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक है। स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग को समग्र शिक्षा, ओडिशा आदर्श विद्यालय, पीएम-पोषण और स्कूल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण आवंटन मिला है। उच्च शिक्षा के अंतर्गत छात्रवृत्तियाँ, RUSA, तकनीकी शिक्षा सुदृढ़ीकरण तथा कॉलेज अवसंरचना विकास के लिए भी राशि निर्धारित की गई है।
आदिवासी छात्रावासों के विकास, कॉलेजों के आधुनिकीकरण और नई स्थापित शक्ति-श्री योजना के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी धनराशि दी गई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग को ₹1,558 करोड़
महिला एवं बाल विकास तथा मिशन शक्ति विभाग के लिए बड़ा वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसमें सुगंधा (Subhadra) योजना के लिए ₹295 करोड़, मातृत्व लाभ योजना ममता के लिए ₹142 करोड़, मिशन शक्ति के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ₹405 करोड़ और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के लिए ₹426 करोड़ का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और उन्नयन के लिए अतिरिक्त धन आवंटित किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹1,164 करोड़
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण आवंटन किया गया है, जिसमें कटक मेडिकल कॉलेज के उन्नयन, आवश्यक दवाओं की खरीद और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए ₹994 करोड़ और गरीब एवं कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान करने वाली गोपबंधु जन आरोग्य योजना के लिए ₹40 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं बुनियादी ढांचा विकास
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए ₹1,673 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें समृद्ध कृषक योजना के तहत सब्सिडी, प्राणी संपद समृद्धि योजना के तहत पोल्ट्री विकास, मत्स्यजीवी कल्याण योजनाएँ और फसल ऋण पर ब्याज सब्सिडी शामिल हैं।
बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹1,955 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें नगरीय विकास, पूंजीगत संपत्तियों के रखरखाव, सेतु बंधन योजना, न्यूनतम आवश्यकताएँ कार्यक्रम और कला मंडल जैसे सांस्कृतिक ढांचे का निर्माण शामिल है।
पर्यावरण और वन विभाग के तहत प्रतिपूरक वनीकरण निधि से ₹242 करोड़, नंदनकानन ज़ू विकास और इको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए ₹80-₹80 करोड़, हाथी कॉरिडोर संरक्षण, ग्रीन महानदी मिशन तथा जलवायु अभियानों के लिए भी राशि निर्धारित है।
राजकोषीय अनुशासन बरकरार
अक्टूबर 2025 तक राज्य ने राजस्व प्राप्ति लक्ष्य का 48% और वार्षिक बजट व्यय का 39% हासिल किया। ओडिशा ने 1.3% राजस्व अधिशेष दर्ज किया और एफआरबीएम अधिनियम के सभी मानकों का पालन जारी रखा। राज्य का ऋण-से-जीडीपी अनुपात 11.9% है, जो निर्धारित सीमा 25% से काफी कम है।
सरकार ने कहा कि अनुपूरक बजट की ये व्यवस्थाएँ समृद्ध ओडिशा 2036 की दीर्घकालिक विकास रणनीति के अनुरूप हैं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और मजबूत बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देती है। वर्ष 2025–26 के लिए पूंजीगत व्यय जीडीपी के 6% से अधिक रहने का अनुमान है जिससे राज्य की विकास गति और वित्तीय स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

















