केसरिया धर्मध्वजा राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर की पूर्णता, देवता की उपस्थिति और सनातन धर्म की विजय का प्रतीक है।इसे ऐसी सामग्री से बनाया गया है, जो हर मौसम का सामना करते हुए लंबे समय तक अपनी महिमा बनाए रखेगा।
यह 200 किमी/घंटा की तेज हवा, धूप या बारिश, सब झेल लेगा। यह धर्म ध्वजा न केवल आध्यात्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसके निर्माण में उच्च स्तरीय कलाकारी और तकनीकी कौशल का भी समावेश है। ध्वजा का फैब्रिक पैराशूट कपड़े जैसा है, जिसे डिफेंस पब्लिक सेक्टर यूनिट ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है।
इस पर तीन सिन्थेटिक रसायन की परतें लगी हैं, जिससे इस पर पराबैंगनी किरणों और पानी का भी कोई असर नहीं होगा। इस भगवा ध्वज पर सूर्य देव, ॐ और कोविदार वृक्ष के चिह्न हाथ से कढ़ाई करके अंकित किए गए हैं।
ध्वजा के किनारों पर सुनहरा फैब्रिक लगा है, जिसके अंदर अस्तर भी है। ध्वज का वजन ढाई किलो है और इसके निर्माण में पूरी तरह स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह धर्म ध्वजा मंदिर में देव उपस्थिति, संरक्षण और दिव्यता का प्रतीक है।
यह रामराज्य के आदर्शों, पांथिक एकता, सांस्कृतिक निरंतरता और वैभव का संदेश देती है। पवित्रता, गरिमा और आस्था का प्रतीक यह ध्वज जिस दिशा में ध्वज लहराता है, वह क्षेत्र पवित्र माना जाता है।

















