भारत की इकोनॉमी तेज गति से आगे बढ़ रही है। जुलाई–सितंबर तिमाही (Q2) में देश की GDP Growth 8.2% दर्ज की गई, जो पिछले छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। यह ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज 5.6% और पिछली तिमाही (Q1) के 7.8% से भी अधिक है।
उपभोक्ता खर्च और मैन्युफैक्चरिंग ने बढ़ाई GDP
उपभोक्ता खर्च में जोरदार बढ़ोतरी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन के चलते GDP 8% का स्तर पार कर गई। सितंबर तिमाही में सर्विस सेक्टर ग्रोथ 9.2% और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 9.1% रही। वहीं फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में 10.2% की वृद्धि दर्ज की गई।
GST कटौती का असर
सितंबर तिमाही की GDP Growth में GST कटौती का केवल मामूली प्रभाव देखने को मिला, क्योंकि यह कटौती 22 सितंबर से लागू हुई थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसका बड़ा असर दिसंबर तिमाही (Q3) के GDP आंकड़ों में दिखाई देगा। 22 सितंबर से करीब 375 वस्तुओं पर GST Rates Reduction लागू हुआ, जिससे उपभोक्ता सामान सस्ते हुए और मांग बढ़ाने में मदद मिली।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर के बीच भारत का Fiscal Deficit बढ़कर 8.25 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो वर्षभर के अनुमान का 52.6% है। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 46.5% था। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष अंत तक फिस्कल डेफिसिट को GDP के 4.4% तक लाना है।
सरकार की कुल प्राप्तियां और व्यय
अप्रैल से अक्टूबर तक सरकार की कुल प्राप्तियां 18 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो बजट लक्ष्य का 51.5% है। इसी अवधि में कुल सरकारी व्यय 26.25 लाख करोड़ रुपये रहा, जो बजट अनुमान का 51.8% है। राजकोषीय स्थिति बताती है कि सरकार को Fiscal Management में अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता होगी।

















