देहरादून: राज्य में एसआईआर लागू किए जाने से पहले धामी सरकार के द्वारा राशन कार्ड सत्यापन अभियान को कड़ी प्रकिया से शुरू किया है। इस अभियान में अभी तक करीब एक लाख फर्जी यूनिट निरस्त हो चुके हैं। राज्य के विभिन्न जिलों चलाए गए इस अभियान में डिजिटल तकनीक की सहायता ली जा रही है। जिन राशन कार्ड उपभोक्ताओं ने अपने ई केवाइसी (E KYC) नहीं कराई है। उनको दिसंबर माह से सरकारी राशन से वंचित होना पड़ सकता है।
राशन वितरण में पारदर्शिता को लेकर उठाया गया कदम
धामी सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देश पर राशन वितरण में पारदर्शिता को लेकर यह कदम उठाया है। जिला पूर्ति कार्यालय की ओर से पूर्व में सस्ता गल्ला विक्रेताओं को केवाइसी कराने के निर्देश जारी हुए थे। जानकारी के मुताबिक अभी तक 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ई केवाइसी कराई है। ऐसे में 30 नवंबर तक हर हाल में परिवार के मुखिया एवं सदस्यों को केवाइसी करानी होगी। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से बताया की भारत सरकार की और से निर्देश प्राप्त हुए है जिसके तहत ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने अपनी केवाइसी नहीं कराई है उन्हें 30 नवम्बर तक का समय दिया गया है यदि कोई राशन कार्ड धारक ऐसा नहीं करता है तो उनका राशकार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही साथ उन्होंने उपभोक्ताओं अपील भी की है, कि वो अपने राशन डीलर के पास जा कर अपना व अपने परिवार के सदस्यों का ई केवाईसी करा लें।
दरअसल बहुत से लोग ऐसे है जिनके दूसरे राज्यों में भी राशन कार्ड हैं। बहुत से राशन कार्ड धारक ऐसे हैं, जिनके पहाड़ के गांव में भी राशन कार्ड है और मैदानी शहरों में भी हैं। दो-दो जगह राशन लेने की सूचनाओं के बाद सरकार ने ये सत्यापन प्रकिया शुरू की है। सरकार आगे वन नेशन वन राशन कार्ड प्रणाली लागू करने जा रही है। ये नया राशन कार्ड यदि बन जाएगा तो उपभोक्ता कहीं भी किसी भी शहर में अपना राशन ले सकेगा।












