प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शनों में नक्सल समर्थकों का क्या काम? क्या ये अर्बन माओवादी हैं? जी हां दिल्ली में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां रविवार को इंडिया गेट के पास एक ऐसा प्रदर्शन हुआ, जो प्रदूषण के खिलाफ था लेकिन उसमें कुख्यात नक्सली हिडमा के समर्थन में नारेबाजी की गई। हिंसा करते हुए प्रदर्शनकारी पुलिस पर मिर्ची स्प्रे छिड़कने लगे, जिससे तीन-चार पुलिस वाले घायल हो गए। इसके बाद पुलिस को हालात संभालने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि रविवार की सुबह इंडिया गेट के C-हेक्सागन इलाके में लोग जमा हो गए। उनका मकसद था दिल्ली की खराब हवा पर गुस्सा जाहिर करना। प्रदूषण का मुद्दा तो पुराना है – स्मॉग इतना गहरा कि सांस लेना मुश्किल। लेकिन ये लोग शांत नहीं रहे। उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिए और सड़क पर बैठ गए। ट्रैफिक जाम हो गया, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें फंस गईं। इमरजेंसी रास्ते बंद हो गए। डीसीपी देवेंद्र कुमार महला ने बताया कि पुलिस ने कई बार कहा कि हट जाओ, लेकिन किसी ने सुनी नहीं।
पुलिस पर मिर्ची स्प्रे से हमला
प्रदर्शन बढ़ता गया तो हालात बिगड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने अचानक पुलिसवालों पर मिर्ची स्प्रे छिड़क दिया। साथ ही उनके (पुलिस) साथ धक्कमुक्की की। तीन-चार पुलिसकर्मी चोटिल हो गए, उन्हें राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। डीसीपी महला ने कहा, “प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मिर्ची स्प्रे इस्तेमाल किया, जिससे जवान घायल हुए।” पुलिस ने भीड़ को शांत तरीके से हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों के ऐक्शन ने सबकुछ उलझा दिया। ये सब रविवार की दोपहर का वाकया था, जब दिल्ली में ट्रैफिक पहले से ही भारी था।
15 लोगों की हिरासत, सख्त कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। इन सभी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उनके खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज हो रहे हैं। डीसीपी ने कहा, “पुलिस ने उन्हें कई बार हटने को कहा, लेकिन न मानने पर कार्रवाई हुई।” ये सब पब्लिक सेफ्टी के लिए जरूरी था, क्योंकि एम्बुलेंस फंसने से किसी की जान पर बन सकती थी।
हिडमा के समर्थन में नारे
प्रदर्शन के बीच नक्सली सरगना हिडमा के समर्थन में नारे लगे। माड़वी हिडमा छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली लीडर था, जिसे सुरक्षा बलों ने बीते दिनों मार गिराया था। उस पर कई हमलों का इल्जाम है। प्रदूषण का मुद्दा उठाने वाले लोग अचानक ऐसे नारों पर उतर आएं, ये सोचने पर मजबूर कर देता है। डीसीपी महला ने अपील की, “लोग अपनी शिकायतें शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखें, ताकि पब्लिक ऑर्डर बना रहे।” प्रदर्शन का ये हिस्सा सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जहां लोग बहस कर रहे हैं कि प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाना तो ठीक, लेकिन हिंसा क्यों?

















