उत्तर प्रदेश के उन्नाव में खेत की खुदाई के दौरान प्राचीन राधा-कृष्ण की मूर्तियां और संस्कृत में लिखा एक भोजपत्र मिला है। घटना माखी थाना क्षेत्र के मिर्जापुर कलां गांव की है, जहां जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची।
मजदूरों को घड़ा मिला, अंदर से निकली मूर्तियां और भोजपत्र
खेत मालिक के मजदूर मेड़ के पास मिट्टी साफ कर रहे थे, तभी फावड़ा जमीन में दबे एक प्राचीन घड़े से टकरा गया। घड़ा टूटने पर उसके अंदर से मूर्तियां और भोजपत्र बाहर आए। ग्रामीणों ने इसे ऐतिहासिक महत्व की बड़ी खोज बताया।
मूर्तियों को घर ले जाने पर युवक अस्वस्थ
खेत मालिक के परिजनों ने उत्सुकतावश मूर्तियों को घर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर बाद एक युवक अचानक अस्वस्थ हो गया। ग्रामीणों ने इसे अलौकिक संकेत मान लिया। इसके बाद मूर्तियों को पुनः खेत में रखकर स्थानीय आचार्यों को बुलाया गया।
ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ पूजन-अभिषेक
आचार्यों की मौजूदगी में सभी मूर्तियों का विधिवत पूजन-अभिषेक किया गया। मिट्टी हटाते समय एक सर्प घायल मिला। कई लोगों ने इसे “खजाने की रक्षा” से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने इसे संयोग बताया।
पुलिस ने स्थान किया सुरक्षित
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत से मिली सभी वस्तुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की। पुलिस का कहना है कि बरामद प्राचीन मूर्तियों और भोजपत्र की उत्पत्ति और उम्र जानने के लिए विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाएगा।
पहले भी मिले हैं अवशेष
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी प्राचीन अवशेष मिलने की चर्चाएं रही हैं, लेकिन इतनी संरक्षित और स्पष्ट मूर्तियां पहली बार मिली हैं। घटना के बाद उत्सुक लोग लगातार खेत पर पहुंच रहे हैं और माहौल में उत्साह और जिज्ञासा बनी हुई है।

















