दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए बम धमाके में आरोपी आतंकी डॉक्टर उमर नबी के बारे में नई बातें सामने आ रही हैं। ये शख्स जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में काम करता था। वहां वो मरीजों से ऐसे सवाल पूछता था जो सबको परेशान कर देते थे। खासकर औरतों से वह हिजाब और नकाब को लेकर सवाल करता था। आखिरकार शिकायतों के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। फिर वो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बन गया। 10 नवंबर को उसने चांदनी चौक में हमला किया।
अनंतनाग कॉलेज में उमर का कट्टर रवैया
अस्पताल के कुछ लोग डॉक्टर उमर को बहुत कट्टर और रेडिकल इंसान बताते हैं। वो मानता था कि इस्लाम को हर धर्म पर हावी होना चाहिए, चाहे किसी भी तरीके से। कॉलेज में वो लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग सीटिंग की मांग करता था। स्टाफ वालों का कहना है कि वो बेहद सख्त विचारों वाला था।
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औरतों से उमर के अजीब सवाल
तुम हिजाब क्यों नहीं पहनती, सिर क्यों नहीं ढकती? नमाज कितनी बार पढ़ती हो? ऐसे सवाल उमर मरीज औरतों से पूछता था। जो औरतें ये सब नहीं मानतीं, वो उन्हें गलत या दुश्मन समझता था। कई महिला मरीजों को ये बातें गलत लगीं। उन्होंने शिकायत की, जिसके बाद उमर को कॉलेज से हटा दिया गया।
दिल्ली हमले के बाद वीडियो का खुलासा
10 नवंबर को चांदनी चौक में धमाके के एक हफ्ते बाद उमर का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वो आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था। ये वीडियो उसके भाई के पास पुलवामा में छोड़े गए फोन से रिकॉर्ड हुआ था। बाद में मेटा ने इसे फेसबुक और इंस्टाग्राम से हटा लिया, क्योंकि ये नियमों के खिलाफ था।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी, जहां उमर और कुछ अन्य पढ़े-लिखे आतंकी आरोपी काम करते थे, पर कई केस चल रहे हैं। इसमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और एडमिनिस्ट्रेटिव मामले शामिल हैं। जांच एजेंसियां इसकी पड़ताल कर रही हैं।
















