नैनीताल में फ्लैट्स ग्राउंड पर ईद की नमाज़ की अनुमति रद्द कर दी है गई है। शहर के ऐतिहासिक खेल के मैदान में बकरा ईद की नमाज़ अदा करने को लेकर दिया गया अनुमति पत्र अब रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती के बाद इस मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है।
डीएसए महासचिव का एक्शन
डीएसए महासचिव मनोज जोशी ने पहले जारी की गई अनुमति को निरस्त करते हुए अंजुमन इस्लामिया के सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि फ्लैट्स ग्राउंड में नमाज़ आयोजन के लिए प्रशासनिक अनुमति आवश्यक है तथा यह मामला उनके कार्यक्षेत्र से बाहर का है। बताया जा रहा है कि 28 मई को फ्लैट्स ग्राउंड में ईद की नमाज़ अदा करने के लिए अनुमति मांगी गई थी, जिस पर डीएसए ने सहमति दे दी थी।
सार्वजनिक स्थानों पर नहीं होगी नमाज
इसी बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी के बयान आए कि नमाज जहां पड़ी जानी चाहिए वहीं पढ़ी जाएगी,सड़कों पर सार्वजनिक स्थानों पर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। जिसके बाद, बढ़ते विवाद और शासन-प्रशासन के सख्त रुख के बीच डीएसए महासचिव ने अपने स्तर से दी गई अनुमति वापस ले ली। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब प्रशासन के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
सियासत भी तेज
शहर में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है। बताया गया है कि मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने कभी भी ईद की नमाज के लिए अनुमति नहीं ली। उधर एडीएम विवेक राय ने बताया कि जब जुम्मे की नमाज मस्जिद के भीतर पढ़ी जाती है तो ईद की नमाज भी मस्जिद के भीतर ही पढ़ी जानी चाहिए यदि भीड़ ज्यादा है तो शिफ्ट में पढ़ाई जा सकती है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने दिशा निर्देशों का पालन कराया जाएगा। एडीएम ने ये भी कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत बकरीद की कुर्बानी भी तयशुदा स्थानों पर कराई जाएगी। बरहाल नैनीताल ही नहीं पूरे उत्तराखंड में मुख्यमंत्री धामी के बयान के बाद से प्रशासन ईद की नमाज को लेकर सतर्कता बरत रहा है।

















