भारत के पड़ोसी इस्लामवादी जिन्ना के देश की जिहादी असलियत बीते कुछ दिनों में बार—बार सामने आई है। इनमें वहीं के नेता बता रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना और सरकार किस तरह आतंकवाद को पोस रहे हैं और अपने यहां के आतंकवाद का ठीकरा भारत पर फोड़ते हैं। ताजा मामला पीओजेके के ‘पूर्व प्रधानमंत्री’ चौधरी अनवरुल हक के वायरल वीडियो का है। इस बड़े वाले नेता का कहना है कि ‘पाकिस्तान ने ही पहलगाम से लाल किले तक बम धमाके कराए हैं और ये धमाके भारत से बदला लेने के लिए कराए गए हैं।’ पीओजेके का ‘प्रधानमंत्री’ रहा ये नेता इस वीडियो में बड़े—बड़े दावे कर रहा है। लेकिन उसकी इस बात से यह एक बार फिर से साफ हो गया है कि जिन्ना का देश आतंकवाद दुनियाभर में फैलाने में बेरोकटोक जुटा है।
अनवरुल हक के इस बयान का मूल वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू‑कश्मीर (पीओजेके) के इस नेता का यह विवादित वीडियो हाल में जारी हुआ है। ध्यान रहे, दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए बम धमाके की जांच अभी जारी ही है। कुछ स्रोतों के अनुसार, वीडियो 18–19 नवंबर 2025 के बीच वायरल हुआ बताया जा रहा है। यह बयान अनवरुल हक ने एक भाषण के दौरान दिया है, जो सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर खूब चला।
इस वीडियो में अनवरुल हक दिल्ली के लाल किले के बाहर 10 नवंबर को हुए धमाके का जिक्र करते हुए दावा कर रहा है कि ‘भारत में हाल हमलों के पीछे पाकिस्तान की जमीन से सक्रिय आतंकी ताने—बाने और सरगनाओं की भूमिका रही है।’ वह यह कहता दिख रहा है कि कि ‘अगर भारत बलूचिस्तान में खून‑खराबा करेगा तो पाकिस्तान की तरफ से लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक हमले किए जाएंगे। अल्लाह के करम से यह काम किया जा चुका है तथा भारत अभी भी लाशें गिन रहा है।’ साफ है कि अनवरुल ने धमकी भरे शब्द बोले हैं।

उसका कश्मीर के जंगलों का उल्लेख करना अप्रैल 2025 में जम्मू‑कश्मीर के पहलगाम/बैसरन घाटी में हिन्दुओं पर हुए जिहादी हमले से जोड़ कर देखा जा रहा है, जिसमें 26 निर्दोष हिन्दू निशाना बने थे।
इसी तरह, गत 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके में 14 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। उसकी जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इसे जैश‑ए‑मोहम्मद से जुड़े मॉड्यूल द्वारा कराए गए आत्मघाती हमले के रूप में दर्ज किया है।
हरियाणा के फरीदाबाद से संचालित इस मॉड्यूल का सरगना डॉ. उमर नबी नामक आतंकी था, जो व्हाइट कॉलर जिहादी के रूप में भारत के भीतर हमलों की साजिश रच रहा था। दूसरी तरफ पहलगाम/बैसरन घाटी में किए गए जिहादी हमले के पीछे भी पाकिस्तान समर्थित आतंकी गुटों की साजिश मानी गई थी। अनवरुल हक का वीडियो उसी कड़ी को जोड़ता दिखता है।
अनवरुल हक जैसा बड़ा माना जाने वाला पीओजेके का नेता जब खुले मंच से कहे कि “लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक हमले हमने करवाये”, तो यह पाकिस्तान की दशकों से चली आ रही ‘स्टेट स्पॉन्सर्ड’ आतंकवाद की नीति की कलई ही खोलता है। इससे भारत के आरोप मजबूत होते हैं कि पाकिस्तान ही दुनियाभर में आतंकवाद निर्यात करता है। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहता आ रहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत‑विरोधी आतंकी ढांचे के लिए करवाता है।
अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि पाकिस्तान सरकार राजनीतिक फायदा उठाने के लिए प्रायोजित आतंकी हमलों को बढ़ावा देती है। उसके बाद अनवरुल हक का यह वीडियो नए सिरे से पाकिस्तान की पोल खोलता है।

















