खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पाकिस्तान की सरकार और सेना को बेनकाब करते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आतंकवाद नीति का पर्दाफाश करते हुए कहा कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में ‘फर्जी आतंकी हमले’ होते हैं, जिससे संघीय सरकार को फायदा होता है। टोलो न्यूज के अनुसार, अफरीदी ने इस्लामाबाद की सरकार और सेना पर खैबर पख्तूनख्वा में शांति भंग करने और फर्जी आतंकवादी हमलों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे राजनीतिक एजेंडे के तहत तैयार किया गया आतंकवाद बताया और कहा कि पाकिस्तानी सेना आतंकवाद से लड़ने के बहाने नागरिकों को निशाना बना रही है और युद्ध अपराध कर रही है। इससे खैबर पख्तूनख्वा के लोग तंग आ चुके हैं।
फर्जी आतंकी हमले करवाकर अस्थिरता पैदा करते हैं
अफरीदी के अनुसार, इस्लामाबाद की सरकार और उससे जुड़े शक्तिशाली गुट खैबर पख्तूनख्वा में फर्जी आतंकी हमले करवाकर अस्थिरता पैदा करते हैं और क्षेत्र में शांति की सभी कोशिशों को नाकाम करते हैं, क्योंकि ये यहां कभी भी स्थिरता नहीं चाहते। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी का यह बयान अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तर-पश्चिमी प्रांत (खैबर पख्तूनख्वा) में बढ़ती हिंसा के बीच आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
पाकिस्तान कभी भी शांति नहीं चाहेगा
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफरीदी ने हाल ही में प्रांतीय ‘पीस जिरगा’ में भाग लेने वाले पश्तून तहाफुज मूवमेंट ( PTM) के सदस्यों के अचानक से लापता होने की निंदा की। यह जिरगा विवादों को सुलझाने और आम सहमति के माध्यम से शांति पर चर्चा करने के लिए नेताओं व बुजुर्गों की एक सभा है। अफरीदी का कहना है कि यह अपहरण शांति प्रयासों को पटरी से उतारने और अफगानिस्तान के साथ संवाद को कमजोर करने की कोशिश है। आतंकवाद पूरी तरह बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “71 वर्षों से जो मानसिकता पाकिस्तान पर हावी है, वह कभी भी खैबर पख्तूनख्वा में शांति नहीं चाहेगी। इन्होंने हमारे मेहमानों के अपहरण के जरिए साबित कर दिया है कि यह आतंकवाद पूरी तरह से मनगढ़ंत है। वे लोगों की इच्छा के अनुसार नहीं, बल्कि अपने हितों के अनुसार शांति का दुरुपयोग करते हैं।”
‘फर्जी आतंकवाद से तंग आ चुके हैं खैबर पख्तूनख्वा के लोग’
मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि अपहरण की ये घटनाएं दर्शाती हैं कि इस्लामाबाद में दशकों से खैबर पख्तूनख्वा में स्थिरता का विरोध करने वाले स्वार्थी तत्वों, लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार आतंकवाद जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, “खैबर पख्तूनख्वा के लोग इस स्व-निर्मित आतंकवाद और बंद दरवाजों के पीछे लिए गए फैसलों से तंग आ चुके हैं। ये फैसले वर्षों से हम पर थोपे जा रहे हैं। आज मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि जिस तरह हमारे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक) कभी आपके आगे नहीं झुके, मैं भी नहीं झुकूंगा। जो कोई भी हमारी शांति भंग करेगा, वह हमारा साझा दुश्मन है। जो कोई भी धार्मिक मूल्यों का अपमान करता है, वह हमारा साझा दुश्मन है। उन्हें पता होना चाहिए कि हम कभी आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।”
बता दें कि कुछ हफ्ते पहले खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी के मातरे दारा गांव में पाकिस्तानी वायुसेना के हमले की खबरें आई थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 30 नागरिक मारे गए थे।

















