फ्रांस की राजधानी पेरिस में नवंबर 2015 में Bataclan थिएटर पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें 130 लोग मारे गए और 350 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह फ्रांस पर सबसे बड़ा आतंकी हमला कहा जाता है। हर वर्ष लोग इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र होते हैं।
इस वर्ष भी थिएटर में लोग श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए थे। मगर इस बार जो हुआ, वह अलग था। कार्यक्रम में श्वेत लिबरल ने “फ्री फिलिस्तीन” के नारे लगाए। इस वीडियो से लोग स्तब्ध रह गए। उन्होंने इसके वीडियो साझा करते हुए कहा कि व्हाइट लिबरल्स ने पेरिस के बाटाक्लान में ‘फ़्री फ़िलिस्तीन’ का नारा लगाया। यह उस घटना के ठीक एक दशक बाद हुआ है जब 2015 में मुस्लिम कट्टरपंथियों ने इसी स्थान पर 130 लोगों की हत्या की थी। कुछ लोग इसे ऐसे डिकोड कर रहे हैं कि फ्रांस में लोगों ने आतंकी मानसिकता के आगे समर्पण कर दिया है और लोगों में अपने अस्तित्व को बचाने की जैसे इच्छा ही शेष नहीं रह गई है! लोग यह भी प्रश्न उठा रहे हैं कि क्या उस मानसिकता के प्रति आत्मसमर्पण कर दिया गया है, जिसने सैकड़ों लोगों की जान ली थी?
फ्रांस में दस वर्ष पहले क्या हुआ था?
दस वर्ष पहले फ्रांस का पेरिस एक आतंकी हमले का गवाह बना था। आतंकी सैन्ट डेनिस में एक अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल मैच के दौरान स्टेडियम में प्रवेश पाने में विफल रहे थे और इसलिए उन्होंने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमला कर दिया। कैफे और रेस्टोरेंट में गोलीबारी की। एक समूह ने बटाक्लान थिएटर में एक म्यूज़िक कॉन्सर्ट में लोगों पर गोली चलाना आरंभ कर दिया और देखते ही देखते 90 लोगों को मार डाला। इस हमले में कई ऐसे लोग भी शिकार बने, क्योंकि वे अपने दोस्तों को छोड़कर नहीं भागे। जब हमला हुआ उस समय अमेरिकी बैंड का शो चल रहा था।
आतंकी हमलों की समाप्ति की गारंटी नहीं: राष्ट्रपति मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का कहना है कि दुर्भाग्य से कोई भी यह गारंटी नहीं दे सकता है कि आतंकी हमले नहीं होंगे। हम यह गारंटी अवश्य दे सकते हैं कि जिन्होंने भी फ्रांस के खिलाफ हथियार उठाए हों, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। इन हमलों की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी। बटाक्लान थिएटर फ्रांस में आतंक से लड़ाई का पर्याय बन कर उभरा था और अभी भी उस हमले की याद करके लोग भावुक हो जाते हैं। लेकिन अब फ्रांस में ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप में इस्लामिक कट्टरता देखी जा सकती है।
बीबीसी ने मिडल ईस्ट एक्सपर्ट गिलेस केपेल के हवाले से कहा है कि अब समस्या अलग है और गंभीर है, क्योंकि अब खतरा देश के भीतर के ही लोगों से है और यह खतरा दोस्ती और एक समान विचारों वाले लोगों के सामाजिक नेटवर्क पर पनपता है। इसमें लोगों को यह बताने की भी जरूरत नहीं होती कि क्या करना है।
एक और हैरान करने वाला समाचार
इसके साथ ही इस हमले से संबंधित एक और हैरान करने वाला समाचार आया है। बीबीसी के अनुसार इस हमले के एकमात्र जीवित आरोपी की पूर्व गर्लफ्रेंड को हिंसक कृत्य के संदेह में हिरासत में लिया गया है। 27 वर्षीय फ्रांसीसी महिला माएवा बी, जिसने इस्लाम अपना लिया है, उसने 36 वर्षीय सलाह अब्देसलाम के साथ खत लिखकर दोस्ती की और इसी के माध्यम से उनका रिश्ता शुरू हुआ। सलाह वर्ष 2022 में दोषी पाए जाने के बाद से ही बेल्जियन बॉर्डर के पास जेल में बंद है। बीबीसी के अनुसार जब जेल के गार्ड्स को यह पता चला कि सलाह एक यूएसबी का इस्तेमाल कर रहा है, जिसमें इस्लामिक कट्टरपंथी प्रोपोगेंडा है तो उन्होंने यह पता किया कि ऐसा कैसे हो रहा है? और फिर उन्हें माएवा बी के साथ उसकी मुलाकातों का पता चला। इसके बाद जासूसों ने माएवा पर नजर रखनी शुरू की और फिर पता चला कि वह हमले की योजना बना रही है। इसके बाद सोमवार को उसे दो कथित सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

















