Ricine terror Plot: अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में मंगलवार को एक ऐसा हादसा हो गया, जो जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। हैदराबाद के 40 साल के सैयद अहमद मोहिउद्दीन अब्दुल कादिर जिलानी नाम के शख्स पर तीन कैदियों ने हमला कर दिया। जिलानी पर गुजरात एटीएस की जांच में राइसिन नाम के जहरीले पदार्थ से आतंकी हमला करने का प्लान बनाने का आरोप है। वो दो साथियों के साथ पिछले हफ्ते पकड़े गए थे। जेल में आने के महज एक दिन बाद ही ये हमला हुआ, जिसमें उन्हें चेहरे पर चोटें आईं। ये मामला जेल के अंदर की नफरत और सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करता है।
हमले की पूरी कहानी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सब कुछ अचानक हुआ। आरोप है कि दोपहर के वक्त बैरक में अमराईगुड़ी के रहने वाले निलेश शर्मा ने जिलानी को पीट दिया। निलेश चोरी के केस में बंद है। आरोप ये भी है कि उसने जिलानी की आंखों और नाक पर जोरदार मुक्का मारा, जिससे खून बहने लगा। शर्मा के साथ दो और कैदी थे, जिनकी पहचान अभी नहीं हुई। जेल के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ये हमला शायद “देशभक्ति” दिखाने के चक्कर में किया गया, जैसे वो खुद को हीरो साबित करना चाहते थे। हालांकि, रिपोर्ट्स का कहना है कि ये सुनियोजित था।
जिस वक्त ये लड़ाई शुरू हुई तो उसके बाद अन्य कैदी तुरंत बीच-बचाव में कूद पड़े। उन्होंने जिलानी को बचाया और हमलावरों को रोका। जिलानी को जेल अस्पताल ले जाया गया। वहां उसका इलाज हो रहा है। चोटें ज्यादा गंभीर नहीं थीं, लेकिन चेहरा सूज गया था। जिलानी का कहना है कि वो हमलावरों को पहचान नहीं पाया। फिर भी, बाकी कैदियों के बयानों से साफ हो गया कि तीनों का हाथ था।
जेल की सिक्योरिटी पर सवाल
घटना के बाद सिटी क्राइम ब्रांच ने निलेश शर्मा की जांच शुरू कर दी। क्या ये सोचा-समझा प्लान था या अचानक का गुस्सा? ये जानने के लिए पूछताछ हो रही है। रानिप पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर केतन व्यास ने कन्फर्म किया कि केस रजिस्टर हो गया है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि जेल के सैकड़ों कैदियों में ये तीनों ने ठीक जिलानी को क्यों चुना? एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, “क्या किसी ने उन्हें बताया था कि ये राइसिन प्लॉट का आरोपी है? जेल स्टाफ की मिलीभगत तो नहीं? हम सबकी पड़ताल कर रहे हैं।”
क्या है राइसिन प्लॉट का बैकग्राउंड?
जिलानी का केस कोई छोटा-मोटा नहीं है। गुजरात एटीएस ने महीनों की निगरानी के बाद उसे और उसके दो साथियों को पकड़ा। राइसिन, जो कैस्टर सीड्स से निकलता है, बेहद खतरनाक जहर है। थोड़ा सा ही घातक साबित हो सकता है। आरोपी कथित तौर पर बीज खरीद रहे थे और जहर निकालने के तरीके रिसर्च कर रहे थे। टारगेटेड अटैक का प्लान था। ये गिरफ्तारी एंटी-टेरर ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। जेल ट्रांसफर के बाद ही ये हमला, जो सुरक्षा चूक की याद दिलाता है।














