8 अक्टूबर को संभल की जामा मस्जिद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम के साथ हुई अभद्रता का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के दो कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एएसआई ने आरोप लगाया है कि नियमित निरीक्षण के दौरान टीम को न केवल रोका गया, बल्कि उनके साथ बदसलूकी भी की गई।
क्या हुआ था 8 अक्टूबर को- एएसआई की टीम जामा मस्जिद के नियमित निरीक्षण के लिए वहां पहुंची थी। टीम के मुताबिक, मस्जिद की कमेटी में काम करने वाले कर्मचारी हाफिज ने उनके काम में रुकावट डालनी शुरू कर दी। आरोप है कि उसने मौके पर कासिफ खान नाम के एक व्यक्ति को बुलाकर माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। एएसआई टीम का कहना है कि उन्हें मस्जिद के मुख्य गुंबद तक जाने नहीं दिया गया, जबकि यह उनका नियमित निरीक्षण का हिस्सा था। कमेटी के लोगों ने ऐसा माहौल बना दिया जिससे विवाद बढ़ सकता था। स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते टीम को बीच में ही अपना निरीक्षण रोकना पड़ा और वे मेरठ वापस लौट गए।
एएसआई की शिकायत पर एफआईआर- घटना के बाद एएसआई के जूनियर इंजीनियर (जेई) ने संभल सदर कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने हाफिज और मोहम्मद कासिफ खान के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ये धाराएं सरकारी काम में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और डराने-धमकाने जैसी गतिविधियों से संबंधित हैं। शिकायत में साफ तौर पर लिखा गया है कि एएसआई टीम को साइट का निरीक्षण नहीं करने दिया गया, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हुआ। इसके अलावा, एएसआई ने इस घटना की सूचना संभल के जिलाधिकारी (डीएम) को भी लिखित रूप में भेजी है। इसके बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
जांच जारी- मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से बयान लेना शुरू कर दिया है।

















