नेपाल और बांग्लादेश व मेडागास्कर की तरह अब मेक्सिको में भी Zen-Z सड़कों पर उतर आए हैं। ये युवा भ्रष्टाचार और ड्रग गैंग्स की हिंसा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर हिंसा कर रहे हैं। शनिवार को टिजुआना से लेकर ओअक्साका तक दर्जनों शहरों में रैलियां हुईं। मैक्सिको सिटी के जोकोलो प्लाजा में तो भीड़ खासी लगी। कईयों ने वन पीस का पायरेट झंडा लहराया, जो अब दुनिया भर में युवा आंदोलन का सिंबल बन गया है। इस दौरान प्रदर्शनों के कारण कम से कम 120 लोग घायल हो गए।
क्या है पूरा प्रकरण
मैक्सिको में शनिवार की सुबह शांत थी, लेकिन दोपहर होते-होते मैक्सिको सिटी के जोकोलो में जहां राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम का ऑफिस है हजारों की तादात में युवाओं की भीड़ इकट्ठा हो गई। ये भ्रष्टाचार, हिंसा और ड्रग्स के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। अचानक से युवा हिंसक हो गए और राष्ट्रपति भवन के सामने लगी मेटल की बाड़ तोड़ी। इस दौरान युवाओं के हाथों में बैनर भी थे, जिस पर कार्लोस अल्बर्टो मैनजो रोड्रिगेज का नाम लिखा था, जो उरुआपान शहर के मेयर थे। ये मेयर ड्रग तस्करों के खिलाफ खुलकर लड़े थे। एक 29 साल के बिजनेस कंसल्टेंट आंद्रेस मासा ने कहा, “हमें ज्यादा सिक्योरिटी चाहिए।” वहीं, 65 साल की रोजा मारिया अविला, जो मिचोआकान से आई थीं, बोलीं, “वो डीलिंग्वेंट्स से लड़ने के लिए अफसरों को पहाड़ों में भेजते थे। उनमें हिम्मत थी।”
हिंसा कैसे भड़की
युवाओं ने पत्थर मारे तो दंगा रोधी पुलिस ने शील्ड्स, लाठियां और फायर एक्सटिंग्विशर से जवाब दिया। राष्ट्रपति भवन के आसपास सैकड़ों ने प्रोजेक्टाइल्स फेंके। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए, जहां पुलिस वाले प्रदर्शनकारियों को लात-घूंसों से मारते दिखे। ला जर्नाडा अखबार के फोटोग्राफर विक्टर कामाचो ने बताया, “मैं जमीन पर गिरा था, पुलिस ने चेहरे पर लातें मारीं। एक ने कहा, मार दूंगा।” ग्वाडालाहारा में भी झड़पें हुईं। वहां 47 लोगों को हिरासत में लिया गया, 13 घायल हुए—इनमें तीन पुलिस वाले भी शामिल हैं।
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हिंसा का कारण-मेयर की मौत
कहा जा रहा है कि ये सब कार्लोस मैनजो की मौत से भड़का। 1 नवंबर को उरुआपान में उन्हें गोली मार दी गई। वो ड्रग गैंग्स के खिलाफ क्रूसेड चला रहे थे। शहर में अफसरों को भेजकर तस्करों से लड़े। कई प्रदर्शनकारी उनके नाम के बैनर और टोपियां पहने थे। उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार और ड्रग हिंसा से मैक्सिको में हर साल हजारों मरते हैं।
सरकार ने विदेशी ताकतों को ठहराया जिम्मेदार
इस बीच देश की सरकार ने जेन जेड प्रदर्शनों पर कहा है कि ये सब विदेशों से प्रायोजित है और हमारी सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने भी ऐसा ही बयान दिया था कि उनकी सरकार को अमेरिका ने गिराया था।

















