श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए एक हादसे ने सबको हिला दिया। यहां रात करीब 11:20 बजे एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें नौ लोग मारे गए और 27 जवान, दो राजस्व अधिकारी और तीन आम लोग घायल हो गए। ये विस्फोट तब हुआ जब पुलिस एक आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान बरामद की गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और केमिकल्स को हैंडल कर रही थी। गृह मंत्रालय ने साफ कह दिया है कि इसमें कोई आतंकी साजिश नहीं थी, ये महज एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। इन सामग्रियों की अस्थिर प्रकृति के कारण ऐसा हुआ। घायलों को तुरंत मेडिकल मदद दी गई, और इलाके को सील कर दिया गया।
MHA का बयान: ‘ये दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था’
गृह मंत्रालय ने शनिवार को प्रेस ब्रीफिंग में इस मामले पर बात की। जॉइंट सेक्रेटरी (जम्मू-कश्मीर डिवीजन) प्रशांत लोखंडे ने बताया कि कल रात 11:20 बजे नौगाम पुलिस स्टेशन में एक अनचाहा विस्फोट हो गया। उन्होंने कहा, “आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान ढेर सारी विस्फोटक चीजें और केमिकल्स बरामद हुए थे, जो स्टेशन के खुले इलाके में सुरक्षित रखे गए थे। स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा था। ये सामग्री इतनी संवेदनशील थी कि इन्हें बहुत सावधानी से छुआ जा रहा था, लेकिन प्रोसेसिंग के दौरान ही धमाका हो गया।”
लोखंडे ने आगे कहा कि इस हादसे में नौ जिंदगियां चली गईं, जबकि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिकों को चोटें आईं। घायलों को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया। स्टेशन की इमारत को भारी नुकसान हुआ, आसपास की कुछ संरचनाएं भी प्रभावित हुईं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विस्फोट का कारण जांचा जा रहा है, बाकी किसी तरह की अटकलें लगाना बेकार है। मंत्रालय ने किसी आतंकी कोण को सिरे से खारिज कर दिया।
कैसे हुआ ये हादसा
जम्मू-कश्मीर पुलिस चीफ नलिन प्रभात ने भी इसे हादसा ही बताया। उन्होंने कहा कि ये विस्फोटक ‘व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल’ की जांच से जुड़े थे। ये सामग्री हरियाणा के फरीदाबाद से नौगाम स्टेशन लाई गई थी और वहां सुरक्षित खुले क्षेत्र में रखी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, धमाका तब हुआ जब पुलिस और फोरेंसिक टीम मिलकर करीब 2,900 किलो केमिकल कैश की जांच कर रही थी। ये कैश एक गिरफ्तार डॉक्टर से बरामद हुआ था। विस्फोट इतना तेज था कि कई छोटे-मोटे सेकेंडरी ब्लास्ट भी हो गए, जिससे स्टेशन की बिल्डिंग बुरी तरह टूट गई।
सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है, स्निफर डॉग्स तैनात किए गए हैं। प्रभात ने बताया कि विस्फोटक फरीदाबाद से ट्रांसपोर्ट किए गए थे, जिनमें हथियार और गोलाबारूद भी शामिल था, जैसे अनंतनाग हॉस्पिटल से बरामद AK-56 राइफल।
किस आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा मामला
ये जांच नवंबर 10 के दिल्ली विस्फोट और अक्टूबर में नौगाम में मिले आपत्तिजनक पोस्टर्स से जुड़ी है। 19 अक्टूबर को FIR दर्ज हुई थी, जो इंटर-स्टेट जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के खिलाफ थी। 20 से 27 अक्टूबर के बीच शोपियां और गंदेरबल से दो संदिग्ध गिरफ्तार हुए। फिर 5 नवंबर को सहारनपुर से डॉ. आदिल को पकड़ा गया। पूछताछ में और नाम सामने आए, जिससे अनंतनाग हॉस्पिटल से हथियार बरामद हुए। बाद में फरीदाबाद से और विस्फोटक मिले। डॉ. मुजम्मिल, जो अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में थे, भी गिरफ्तार हुए। पूछताछ से 360 किलो का अर्बन टेरर कैश सामने आया।












