नई दिल्ली (हि.स.) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक में लाल किला कार विस्फोट को एक घृणित आतंकवादी कृत्य करार दिया गया। इस घटना पर सरकार ने गहरा शोक व्यक्त किया और आतंकवाद के प्रति अपनी शून्य सहिष्णुता नीति को दोहराया।
मंत्रिमंडल ने पीड़ितों के प्रति संवेदना और श्रद्धांजलि व्यक्त की
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बैठक की शुरुआत में मंत्रिमंडल ने इस आतंकी घटना में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखा। सरकार ने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर दृढ़ है।
दुनिया भर से मिली एकजुटता और समर्थन के लिए आभार
केंद्रीय कैबिनेट ने उन सभी विदेशी सरकारों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई। मंत्रिमंडल ने प्रतिकूल परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों और आपातकालीन कर्मियों की त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया की भी सराहना की।
कैबिनेट प्रस्ताव में आतंकवाद की कड़ी निंदा
मंत्रिमंडल प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्र ने एक जघन्य आतंकी हमला देखा है जो देश विरोधी ताकतों द्वारा अंजाम दिया गया। इस विस्फोट में कई लोगों की मौत और कई घायल हुए। सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सरकार ने जांच के लिए पेशेवर टीम को निर्देश दिए
केंद्रीय सरकार ने निर्देश दिया कि इस आतंकी विस्फोट की जांच अत्यंत तत्परता और पेशेवर ढंग से की जाए ताकि इसके अपराधी, सहयोगी और प्रायोजक जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाए जा सकें।
सुरक्षा एजेंसियों और आपात सेवाओं की सराहना
कैबिनेट ने आपातकालीन सेवाओं, चिकित्साकर्मियों और सुरक्षा बलों की साहसिक कार्रवाई की सराहना की, जिन्होंने संकट की घड़ी में संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य किया।
देश की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रत्येक नागरिक की रक्षा के लिए उसकी प्रतिबद्धता अटूट है। स्थिति पर उच्चतम स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पहले की तरह सख्त बनी रहेगी।
















