नई दिल्ली । दिल्ली के रेड फोर्ट के पास सोमवार शाम हुई कार ब्लास्ट घटना की जांच कर रही फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) टीम ने मंगलवार को दो जिंदा कारतूस और दो अलग-अलग प्रकार के विस्फोटक के सैंपल बरामद किए हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों कारतूस सीधे विस्फोट स्थल से मिले हैं और विस्तृत जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
जांचकर्ताओं ने वहां से अमोनियम नाइट्रेट और एक अज्ञात विस्फोटक पदार्थ के नमूने भी एकत्र किए हैं।
FSL की जांच जारी, रिपोर्ट जल्द आएगी
सभी सैंपल को एफएसएल लैब में भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ उनके रासायनिक संरचना की जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में फाइनल रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जो यह बताएगी कि ब्लास्ट में किस प्रकार के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।
पीड़ितों के लिए मुआवजा किया घोषित
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं स्थायी रूप से विकलांग हुए व्यक्तियों को 5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को भी 5 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
ब्लास्ट के पीछे घबराहट में ट्रिगर हुआ विस्फोट, नहीं था आत्मघाती हमला
जांच के शुरुआती निष्कर्ष बताते हैं कि यह ब्लास्ट सामान्य आत्मघाती हमला नहीं था, बल्कि संदिग्ध ने घबराहट में विस्फोटक को ट्रिगर कर दिया था। सुरक्षा एजेंसियां अब देशभर में संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। वहीं फरीदाबाद, सहारनपुर और पुलवामा में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
पूरी तरह विकसित नहीं था आईईडी, बड़ा हादसा टला
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि बम पूरी तरह विकसित नहीं था और ब्लास्ट के समय कार चल रही थी। विस्फोट से कोई बड़ा गड्ढा नहीं बना और न ही शर्रपनेल मिला। इसका मतलब है कि आईईडी भारी नुकसान पहुँचाने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था।
राष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता और संयुक्त कार्रवाई के कारण एक बड़ा आतंकी हमला टल गया।
एनआईए को सौंपी जांच
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली कार ब्लास्ट मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी। उन्होंने एजेंसी को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए। साथ ही एफएसएल को भी आदेश दिए गए हैं कि विस्फोट स्थल से मिले सैंपल और सबूतों का मिलान कर एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जाए।
तेज और समन्वित जांच की आवश्यकता
गृह मंत्री ने कहा कि इस मामले में तेज और समन्वित जांच जरूरी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ब्लास्ट में कौन-से विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ और इसके पीछे कौन-से आतंकी संगठन शामिल हैं। सरकार किसी भी हालत में दोषियों को बख्शेगी नहीं।

















