कर्णावती: गुजरात ATS ने तीन आतंकियों को गांधीनगर के अडालज के पास से दबोच लिया और उनकी पूछताछ में कई चौंकानेवाले खुलासे हुए हैं। तीनों आतंकी साइनाइड से भी ज्यादा घातक जहर बनानेवाले थे। जिसका रो मैटीरियल भी उन्होंने खरीद लिया था। देश विदेश से फंड इकठ्ठा करके देश में एक बहुत बड़े आतंकी हमले को तीनों आतंकी अंजाम देनेवाले थे इसका खुलासा ATS की जांच में हुआ है।
गुजरात ATS ने रविवार दोपहर को गांधीनगर के अडालज से आतंकी डॉ अहमद मोहिउद्दीन सैयद को दबोचने के बाद बनासकांठा से मोहमद सुहेल मोहमद सलीम खान और आजाद सुलेमान शेख को शंका के आधार पर दबोच लिया और एक बहुत बड़े आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ।
कैसे ATS आतंकियों तक पहुंचा
गुजरात ATS को खबर मिली थी कि हैदराबाद से एक आतंकी अहमदाबाद में हथियार लेने आ रहा है। ATS की टीम ने एलर्ट होकर सर्वेलेंस टीम और अपने खबरियों को भी एलर्ट कर दिया। खबर मिली कि आतंकी हथियारों के साथ गांधीनगर के अडालज के पास टोल बूथ पर पहुंचा है। फिर ATS और गांधीनगर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में मिली हुई सूचना वाली कार को ढूंढ लिया और कार को रोककर आतंकी कुछ समझे इससे पहले ही कार की तलाशी लेना शुरू कर दिया।
आतंकी से क्या बरामद हुआ
कार तलाशी लेने पर पुलिस को 3 ऑटोमैटिक गन और 30 कारतूस मिले। कार से 4 लीटर कैस्टर ऑयल भी मिला। कार से मोहिउद्दीन के दो तीन पेनकार्ड भी मिले। सभी चीजों को जब्त कर पुलिस ने मोहिउद्दीन को दबोच लिया।
मोहिउद्दीन से बाकी के दो आतंकियों का हुआ खुलासा
ATS ने मोहिउद्दीन को दबोचकर पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि मोहिउद्दीन अपने विदेशी आका अबू खदीजा के आदेश पर गुजरात के कलोल में हथियार लेने आया था। कलोल के एक कब्रिस्तान के पास छिपाए हुए हथियार उसे लेने थे। और कार से बरामद हुए हथियार वह वही से लाया था। अगर हथियार ना मिले तो कुछ कॉन्टेक्ट नंबर्स पर संपर्क करने की सूचना विदेशी आका ने दी थी। पुलिस ने उस मोबाइल नंबर्स की जांच की तो वह नंबर्स बनासकांठा में लॉकेट हुए जिसके आधार पर पुलिस ने बनासकांठा से बाकी दो आतंकी आजाद और सुहेल को दबोच लिया।
बाकी के दो आतंकियों ने भी विदेशी आका का नाम लिया
आजाद और सुहेल ने भी पुलिस पूछताछ में विदेशी आका अबू खदीजा का नाम लेते हुए कहा कि वह अफगानिस्तान का रहनेवाला है और आतंकी संगठन में भी सक्रिय है। विदेशी आका ने आजाद और सुहेल को राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार लेने की सूचना दी थी। वहां पर भी एक खास जगह पर हथियारों को छिपाकर रखा गया था जहां से दोनों आतंकियों ने हथियार उठाकर कलोल में छिपाए थे।
तीनों आतंकियों का पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से कनेक्शन
तीनों आतंकियों के पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से कनेक्शन की दिशा में जांच शुरू की गई है। मोहिउद्दीन ने चीन से MBBS किया है और वह बाकी के दो आतंकियों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आया था। वह 7 नवंबर को ही अहमदाबाद में आ गया था और जुहापुरा में एक होटल में रुका हुआ था। उसे आगे कहा और क्या करना है उसकी कोई जानकारी नहीं थी।
विदेशी आका एक के बाद एक काम बताता था
जांच में सामने आया है कि विदेशी आका आतंकियों को सारा काम एकसाथ नहीं बताता था। सभी आतंकी एकदूसरे से मिले बिना ही पूरा काम निपटा दे इस प्रकार का आयोजन विदेशी आका ने किया हुआ था। जिस प्रकार मोहिउद्दीन ने कलोल से कब्रिस्तान के पास से छिपाए हुए हथियार उठाए इसी प्रकार आजाद और सुहेल ने राजस्थान से भी छिपाकर रखे हुए हथियार ही उठाए थे। मोहिउद्दीन ने साइनाइड से भी जहरीला जहर बनाने के लिए अरंडा के 10 किलो बीज हैदराबाद से खरीदे थे।
आतंकियों ने 3 शहरों में की थी रेकी
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि तीनों आतंकियों ने अहमदाबाद, दिल्ली और लखनऊ में जाकर अलग अलग जगहों की रेकी की थी। इन तीनों शहरों में वह किसी बड़े आतंकी षडयंत्र को अंजाम देने के इरादे से रेकी करने गए थे और लंबे समय तक रुके थे।
लखनऊ में RSS की ऑफिस की रेकी की
तीनों आतंकी तीनों शहरों में आतंकी षड्यंत्र को अंजाम देने के इरादे से रुकने गए थे। लखनऊ में आतंकियों ने RSS के कार्यालय की रेकी की थी। दिल्ली में आजाद मंडी और अहमदाबाद में भीड़भाड़ वाली बाजारों की रेकी की थी।
आतंकी राइजिन जहर का उपयोग करने वाले थे
तीनों आतंकी कैस्टर ऑयल से साइनाइड से भी ज्यादा जहरीला राइजिन जहर बनानेवाले थे। जिसकी सारी सामग्री और कैमिकल भी उन्होंने खरीद लिए थे। जहर बनने की प्रोसेस में था और बन जाने के बाद उसके इस्तेमाल के बारे में विदेशी आका से पूछनेवाले थे। आका से आदेश मिलने के बाद जहर का उपयोग लोगों की जान लेने के लिए करनेवाले थे।
आगे जांच में होगे और भी खुलासे
ATS ने तीनों आतंकियों को 17 नवम्बर तक रिमांड पर लिया हुआ है और इस दौरान उनकी पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते है। फिलहाल पुलिस आतंकियों का कनेक्शन किस आतंकी संगठन से है उस दिशा में जांच के रही है। इसके अलावा हथियारों का उपयोग और जहर का उपयोग वह कब और कैसे करनेवाले थे, क्या था आतंकियों का पूरा प्लान, इस षडयंत्र को अंजाम देने के लिया उनको कहा से फंड मिल रहा था, उनका विदेशी आका कौन है और किस संगठन से है इस सारे सवालों के जवाब लेने की दिशा में पुलिस आगे जांच कर रही है।













