नई दिल्ली/जम्मू-कश्मीर: देश में बड़े आतंकी मॉड्यूल का भडाफोड़ हुआ है। इन आतंकियों के तार प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएच) से जुड़े हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अभी तक 8 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और लगभग तीन टन आईईडी (IED) सामग्री बरामद हुई है। इसे आतंक का अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल बताया जा रहा है। जिसके खुलासे के लिए कई राज्यों में संयुक्त तलाशी चली और इस दौरान 8 प्रमुख आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है।
2900 किलो विस्फोटक बरामद…. IED बनाने की सामग्री मिली
इस दाैरान दो पिस्तौल, एके-सीरीज की दो राइफलें, 2,900 किलो विस्फोटक और आईईडी बनाने वाली सामग्री के साथ ही एक चाइनीज स्टार पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल समेत अन्य ज्वलनशील पदार्थ बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान श्रीनगर के नौगाम निवासी आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, श्रीनगर के नौगाम निवासी यासिर-उल-अशरफ, श्रीनगर के नौगाम निवासी मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, शोपियां की एक मस्जिद के इमाम मौलवी इरफान अहमद, गंदरबल के वाकुरा निवासी जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा, पुलवामा के कोइल निवासी डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब और कुलगाम के वानपोरा निवासी डॉ. अदील के रूप में हुई है। इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान की गई है और उन्हें पकड़ने का प्रयास जारी हैं।
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ऐसे हुआ इस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा… एक पोस्टर बना अहम सुराग
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई 19 अक्टूबर को श्रीनगर के बनपोरा नौगाम में विभिन्न स्थानों पर पुलिस और सुरक्षाबलों को धमकी देने वाले जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर चिपकाए जाने के बाद की गई। इसके बाद नौगाम पुलिस स्टेशन में यूएपीए (UAPA) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम सहित कई धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 162/2025 दर्ज की गई और एक उच्च-स्तरीय जांच शुरू की गई। जांच में अधिकारियों द्वारा सफेदपोश आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र का पता चला है जो कट्टरपंथी पेशेवरों और छात्रों से जुड़ा एक नेटवर्क है जो कथित तौर पर पाकिस्तान और अन्य देशों से संचालित विदेशी आकाओं के संपर्क में है।
लोगों को आतंकवादी समूहों में भर्ती करना भी था मकसद… फरीदाबाद-हरियाणा में हुई संयुक्त तलाशी
यह मॉड्यूल धन जुटाने रसद की व्यवस्था करने, हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री खरीदने के अलावा व्यक्तियों की पहचान करने उन्हें कट्टरपंथी बनाने और आतंकवादी समूहों में भर्ती करने में भी शामिल था। जांच के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गंदरबल और शोपियां में और फरीदाबाद में हरियाणा पुलिस और सहारनपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त रूप से तलाशी ली गई।
इस दाैरान आतंकियाें के पास से दो पिस्तौल, दो एके-सीरीज की राइफलें के साथ ही 2,900 किलो विस्फोटक और आईईडी बनाने वाली सामग्री के साथ ही एक चाइनीज स्टार पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, एके-56 राइफल और एके क्रिंकोव राइफल बरामद किया गया है। इसके साथ ही इसमें रसायन, ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, रिमोट कंट्रोल, बैटरी, तार, टाइमर और धातु के टुकड़े शामिल थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, पकड़े गए आतंकियों में कई शिक्षित युवा और मेडिकल प्रोफेशनल्स शामिल हैं। ये देश को दहलाने की साजिश रच रहे थे।
फरीदाबाद में मिला विस्फोटक जखीरा.. मुस्लिम डॉक्टरों ने की देश से गद्दारी
सर्च ऑपरेशन में फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव से 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को इस विस्फोटक को भरने के लिए ट्रक मंगवाना पड़ा है। पुलिस की शुरुआती जांच में ये संदिग्ध विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट लग रहा है। फरीदाबाद में इससे पहले धौज इलाके में 360 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ मिला था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा की पुलिस दो डॉक्टरों आदिल अहमद राठर और मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार कर चुकी है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने महिला डॉक्टर को भी किया गिरफ्तार
इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। महिला डॉक्टर लखनऊ के लाल बाग की रहने वाली है। जिसका नाम शाहीन शाहिद है।











