भारत दवा उत्पादन के मामले में दुनिया में तीसरे सबसे बड़े देश के रूप में स्थापित है। यह दुनिया की कुल जेनेरिक दवाओं का लगभग 20 प्रतिशत उत्पादन करता है और लगभग हर तीसरी दवा दुनिया को भारत से ही मिलती है।
भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर जेनेरिक दवाओं के उत्पादन और निर्यात में।हैदराबाद, अमदाबाद, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहर दवा निर्माण के ‘ग्लोबल हब’ बन चुके हैं।
भारत की दवाएं उच्च गुणवत्ता वाली होने के साथ-साथ सस्ती भी होती हैं, जो खासतौर पर गरीब और विकासशील देशों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत द्वारा 150 से अधिक देशों को वैक्सीन देना इस क्षमता का उदाहरण है।फार्मा क्षेत्र निरंतर नवाचार और अनुसंधान में भी बढ़ रहा है, जिससे इसकी प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक स्थिति मजबूत हो रही है।

















