भारतीय रेलवे नेटवर्क विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, जिसका ब्रॉड गेज नेटवर्क लगभग 69,800 किलोमीटर है। विद्युतीकरण के मामले में यह अमेरिका, चीन, रूस सहित कई विकसित देशों को पीछे छोड़ चुका है।
2014 तक भारतीय रेलवे का लगभग 21,801 किमी. ब्रॉड गेज नेटवर्क विद्युतीकृत था, जो 2023-24 में 7,188 किमी. और जुलाई 2025 तक 69,102 किमी. हो गया। यह कुल नेटवर्क का लगभग 99 प्रतिशत है।

यह अमेरिका (लगभग 37%), चीन (लगभग 67%), रूस (51%) और यूरोपीय देशों की तुलना में कहीं अधिक है। स्विट्जरलैंड, सिंगापुर और मोनाको जैसे देशों में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण है, लेकिन उनका नेटवर्क बहुत छोटा है।
भारत के रेल विद्युतीकरण की यह उपलब्धि उसे वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश बनाती है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की ओर भी एक बड़ा कदम है। 2014 के बाद रेलवे के विद्युतीकरण में क्रांति आई है। अब हाइड्रोजन ट्रेन का भी परीक्षण चल रहा है। सरकार का प्रयास 2030 तक रेलवे को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन बनाने का लक्ष्य है।

















