लखनऊ 9 नवंबर (हि.स.) । बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के सह चुनाव प्रभारी व उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महागठबंधन कुछ नहीं, एक-दूसरे की टांग खीचनें और धोखेबाजी का खेल है। राहुल गांधी ही नहीं चाहते हैं कि तेजस्वी बिहार के मुख्यमंत्री बनें। उपमुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर रविवार को लिखा कि महागठबंधन के तीन खिलाड़ी राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव हैं। इन तीनों की अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग है।
राहुल गांधी नहीं चाहते तेजस्वी बने मुख्यमंत्री
मौर्य ने लिखा कि राहुल गांधी किसी भी क़ीमत पर नहीं चाहते कि दोनों यादव मुख्यमंत्री बनें। वह दोनों की लाठी तोड़कर अपना पंजा मज़बूत करना चाहते हैं। वहीं राजनीति में खेले-खाए यादव बंधु भी कम उस्ताद नहीं हैं, जो किसी भी क़ीमत पर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनते हुए नहीं देखना चाहते। टंगड़ी मार के इस नायाब खेल में लालटेन बुझ चुकी है, साइकिल पंचर और पंजे में कोई दमखम नहीं बचा है। बिहार में महागठबंधन का खेल ख़त्म हो गया है। फिर एक बार एनडीए सरकार प्रचंड बहुमत से बनने जा रही है। बिहार का एनडीए पर विश्वास है और महागठबंधन हताश व निराश है।
महागठबंधन के भीतर मौर्य का व्यंग्य
इसके अलावा बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और बिहार चुनाव के सह प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य ने महागठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन कुछ नहीं, एक-दूसरे की टांग खींचने और धोखेबाजी का खेल है। इसके तीन खिलाड़ी हैं – राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव। इन तीनों की अपनी-अपनी ढपली है और अपना-अपना राग।
गठबंधन नहीं, टंगड़ी मारने वालों का क्लब
महागठबंधन की अंदरूनी राजनीति पर निशाना साधते हुए केशव मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी किसी भी कीमत पर नहीं चाहते कि दोनों यादव मुख्यमंत्री बनें। वे दोनों की लाठी तोड़कर अपना पंजा मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में खेले-खाए यादव बंधु भी कम उस्ताद नहीं हैं। वे भी किसी कीमत पर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनते नहीं देखना चाहते। यानी यह गठबंधन नहीं, टंगड़ी मारने वालों का क्लब है।
महागठबंधन के प्रतीकों पर व्यंग्य
केशव मौर्य ने महागठबंधन के तीनों प्रतीकों पर भी व्यंग्य किया। बोले – लालटेन बुझ चुकी है, साइकिल पंचर है और पंजे में अब कोई दमखम नहीं बचा। जनता ने इन प्रतीकों को बार-बार आजमाया और अब इनसे ऊब चुकी है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब विकास, रोजगार और स्थिर सरकार चाहती है, न कि आपसी झगड़ों और भ्रम की राजनीति।
एनडीए पर जनता का विश्वास बरकरार
केशव मौर्य ने कहा कि महागठबंधन के ये तीन चेहरे भरोसे की राजनीति नहीं करते, बल्कि स्वार्थ और महत्वाकांक्षा की राजनीति करते हैं। राहुल गांधी का एजेंडा केवल अपने पंजे को मजबूत करना है। तेजस्वी यादव अपने परिवार की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाए हैं और अखिलेश यादव हर चुनाव में गठबंधन बनाकर फिर उसे तोड़ते हैं। ये तीनों जनता को सिर्फ सपने दिखाते हैं, समाधान नहीं देते।
विकास के साथ है बिहार की जनता
उप मुख्यमंत्री मौर्य ने दावा किया कि बिहार में एनडीए सरकार को लेकर जनता में उत्साह है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास कर रहा है। इसी कारण विपक्ष अब भ्रम फैलाने और झूठे प्रचार पर उतर आया है। लेकिन बिहार की जनता बहुत समझदार है, वो विकास के साथ है।

















