अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो अगले साल भारत के दौरे पर आ सकते हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। एक बार फिर से ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘ग्रेट फ्रेंड’ कह दिया। उन्होंने ये बातें गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
असल में ट्रंप वजन घटाने वाली दवाओं की कीमतों को कम किए जाने को लेकर बोल रहे थे। उसी दौरान उन्होंने दावा किया कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई है और ये काफी अच्छी रही। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया।
व्यापार वार्ताओं का ताजा अपडेट
दोनों देशों के बीच अभी भी व्यापार को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिका ने भारत के रूसी तेल खरीदने पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जिसमें 25 फीसदी एक्स्ट्रा ड्यूटी भी शामिल है। ये कदम कथित रूस-यूक्रेन तनाव के बीच उठाया गया। लेकिन ट्रंप का कहना है कि बातें आगे बढ़ रही हैं। मंगलवार को व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा था, “राष्ट्रपति भारत-अमेरिका रिश्ते को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। कुछ हफ्ते पहले उन्होंने ओवल ऑफिस में दिवाली मनाई, जहां कई हाई-रैंकिंग इंडियन-अमेरिकन अफसरों के साथ पीएम मोदी से डायरेक्ट बात की।” ये बातें ट्रंप के हालिया एशिया टूर के दौरान भी आईं, जहां उन्होंने कहा कि भारत रूसी तेल के मामले में ‘बहुत अच्छा’ कर रहा है।
रूसी तेल पर ट्रंप का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने रूस से कच्चा तेल आयात कम कर दिया है। एशिया टूर के दौरान उन्होंने कहा, “नई दिल्ली इस मुद्दे पर बहुत अच्छी है। पीएम मोदी ने मुझे आश्वासन दिया कि वो रूस से क्रूड इंपोर्ट कम करेंगे या बंद कर देंगे।” उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘ग्रेट मैन’ कहा और जोड़ा, “वो मेरा फ्रेंड है, हम बात करते रहते हैं। वो चाहते हैं कि मैं वहां जाऊं, तो हम ये फिक्स करेंगे।” जब रिपोर्टर्स ने पूछा कि क्या अगले साल भारत विजिट का प्लान है, तो ट्रंप ने हंसते हुए कहा, “हां! हो सकता है।”
भारत सरकार का रुख स्पष्ट: देश पहले
इस बीच, भारत सरकार ने ट्रंप के बयानों पर रिएक्ट किया। महीने की शुरुआत में मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स (MEA) ने कहा कि देश के एनर्जी सोर्सिंग के फैसले राष्ट्रीय हितों और कंज्यूमर वेलफेयर पर आधारित हैं। MEA स्पोक्सपर्सन रणधीर जायस्वाल ने कहा, “भारत तेल और गैस का बड़ा इंपोर्टर है। हमारा फोकस हमेशा वोलेटाइल एनर्जी सीनैरियो में इंडियन कंज्यूमर के इंटरेस्ट को बचाना रहा है। हमारी इंपोर्ट पॉलिसी इसी पर गाइडेड है।” ये बयान ट्रंप के दावों के जवाब में आया, जो ये दिखाता है कि भारत अपनी पॉलिसी पर अडिग है। कुल मिलाकर, दोनों तरफ से रिश्ते मजबूत रखने की कोशिश साफ दिख रही है, चाहे ट्रेड हो या पर्सनल लेवल पर।
















