जब भी लव जिहाद की बात होती है, तो उसका सबसे अधिक विरोध वामपंथी, कांग्रेसी और अपने को सेकुलर कहने वाले अन्य लोग करते हैं। याद करिए 2023 में जब लव जिहाद पर बनी फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ आई थी, तब ऐसे लोगों ने इसे संघ विचार परिवार के दिमाग की उपज बताते हुए उस पर प्रतिबंध तक लगाने की मांग की थी। इसके साथ ही यह भी कहा था कि इस फिल्म के जरिए एक वर्ग विशेष को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे नेताओं में एक हैं पी.वी. भास्करन। ये केरल में माकपा के वरिष्ठ नेता हैं। अब ‘लव जिहाद’ को लेकर इनकी सोच बदल गई है। दरअसल, भास्करन की 35 वर्षीया बेटी पी. वी. संगीता 36 वर्षीय एक मुसलमान राशिद के साथ निकाह करना चाहती है। संगीता 13 वर्षीय एक बेटे की मां है और उसका अपने पति से तलाक हो गया है, जो वायु सेना में अधिकारी हैं।
अब संगीता ने अपने पिता भास्करन पर आरोप लगाया है कि वे उसे राशिद के साथ निकाह नहीं करने देना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने मुझे घर पर ही बंधक बना रखा है। अंदाजा लगा सकते हैं कि भास्करन पर क्या गुजर रही होगी। वास्तव में भास्करन ने सदैव अपने पिता धर्म का पालन किया और उन्होंने अपनी बेटी संगीता को पढ़ाया और अपने प्रभाव का उपयोग कर उसकी नौकरी भी लगवाई।
बताया जा रहा है कि 21 सितंबर, 2023 को संगीता स्कूटी से नौकरी पर जा रही थी, तभी वह एक सड़क दुर्घटना की चपेट में आ गई। उसमें उसके दोनों पैर बुरी तरह कुचल गए थे। पैरों के ऑपरेशन के बाद भी वह चल नहीं पा रही है। इस कारण वह थालास्सेरी के एक आयुर्वेद अस्पताल में 14 महीने भर्ती रही। फिर डेढ़ महीने तक एक फिजियोथेरेपी सेंटर में इलाज करवाया। संगीता करीब चार महीने पहले राशिद, जो अपने को आयुर्वेद का जानकार बताता है, के संपर्क में आई। राशिद ने संगीता के पिता भास्करन को भरोसा दिलाया कि वह उसे तीन महीने में ठीक कर देगा और वह चलने लायक हो जाएगी।

इसके बाद राशिद कासरगोड जिले में स्थित उडुमा में भास्करन के घर ही संगीता का इलाज करने लगा। कुछ ही दिन बाद उसने भास्करन से कहा कि घर पर इलाज के सारे उपकरण लगा नहीं सकते। इसलिए एक केंद्र पर संगीता को ले जाना चाहिए। भास्करन ने राशिद की बात मान ली और वे उसे 27 मार्च, 2025 को त्रिकारीपुर के एक केंद्र में ले गए। वहीं संगीता का इलाज होने लगा। भास्करन और उनकी पत्नी दिन में एक बार उससे मिलने जाते थे। कुछ दिन बाद ही उन्हें वहां हो रही हरकतों पर शक होने लगा। उन्हें दाला में कुछ काला लगा और वे संगीता को फिर से घर ले आए। उन्होंने संगीता का फोन जब्त कर उस पर कुछ पाबंदियां लगा दीं। यह संगीता को पसंद नहीं आया। इसके बाद संगीता के एक कथित मित्र अर्जुन एम. ने 21 जुलाई को केरल उच्च न्यायालय में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर संगीता को उसके पिता के घर से मुक्त कराने की मांग की। संगीता 30 जुलाई को न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति एम. बी. स्नेहलता के समक्ष ऑनलाइन हाजिर हुई और उसने कहा,“वह घर में नजरबंद है।” न्यायालय में उपस्थित संगीता के पिता भास्करन ने उसे नजरबंद करने से इनकार किया और कहा कि वह अपनी मर्जी से कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह राशिद के प्रभाव में थी।
7 अगस्त को अर्जुन ने न्यायालय को बताया कि वह संगीता की देखभाल करने को तैयार है और यह भी बताया कि वह शेयर ट्रेडिंग से 40-50 हजार रुपए प्रति माह कमाता है। चार दिन बाद यानी 11 अगस्त को अर्जुन ने अचानक अपनी याचिका वापस ले ली। न्यायाधीशों ने कहा, ‘हालांकि हम याचिकाकर्ता को यह मामला वापस लेने की अनुमति देते हैं, लेकिन हमें यह दर्ज करना होगा कि उसका आचरण कुछ हद तक विरोधाभासी (संदिग्ध) रहा है।’ न्यायाधीशों ने आदेश में लिखा है, ‘इससे हमारा यह विश्वास पुष्ट होता है कि वह किसी और की ओर से काम कर रहा है, जैसा कि पुलिस को भी संदेह है, जो उनकी रिपोर्ट से स्पष्ट है।’ न्यायालय क्या कहना चाहता है, उसे आप समझ सकते हैं।
न्यायालय से अपेक्षित सफलता न मिलने पर राशिद और संगीता ने दूसरा रास्ता अपनाया। आरोप है कि राशिद ने संगीता तक एक मोबाइल पहुंचाया और उससे एक वीडियो बनवाया। वह वीडियो 21 अक्तूबर से वायरल हो रहा है। उसमें वह कहती है, “क्या मुझे आजादी से जीने का अधिकार नहीं है? मैं चाहती हूं कि दुनिया मेरी सचाई जाने। मैं विपक्षी नेता से दखल देने की अपील करती हूं। मैं मीडिया से घर आकर सचाई का पता लगाने का अनुरोध करती हूं।” इसके साथ ही संगीता ने पुलिस अधीक्षक को एक पत्र भी भेजा है, जिसमें उसने लिखा है,“मैं कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हूं। एक मुसलमान से शादी करने की इच्छा के कारण मेरे माता-पिता और भाई ने मेरे साथ बुरा व्यवहार किया।”

संगीता ने यह भी आरोप लगाया है कि मेरी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई में देरी हो रही है, क्योंकि मेरे पिता पी.वी. भास्करन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के एक प्रभावशाली नेता रहे हैं।
बेटी के इन आरोपों से आहत 73 वर्षीय भास्करन ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान संगीता का 13 वर्षीय बेटा भी उपस्थित था।
भास्करन ने सभी आरोपों से इनकार किया और अपनी बेटी संगीता के कथित प्रेमी राशिद के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राशिद पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। यही नहीं, उसकी बीवी ने उसके खिलाफ अपने परिवार की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। यही नहीं, राशिद की बीवी ने ही उसे फर्जी बताया है। उसने कहा है, “जनवरी, 2014 में हम दोनों का निकाह हुआ था। उन दिनों राशिद दुबई में ड्राइवर था और एक वर्ष पहले तक वह यही काम कर रहा था। मुझे नहीं पता कि उसने लोगों का इलाज करना कब सीखा। उसने मुझे धोखा दिया है और संगीता की जिंदगी भी बर्बाद कर देगा।”
भास्करन ने कहा है कि राशिद ने लगभग 1.5 करोड़ रुपए की संपत्ति के लिए मेरी बेटी को अपने प्रेम जाल में फंसाया है। वहीं संगीता का आरोप है कि तलाक के बाद उसे जो पैसा मिला था, उसे उसके पिता और भाई ने हड़प लिया है और वे उसका इलाज भी नहीं करा रहे हैं। कहा जा रहा है कि भास्करन अपनी बेटी के इस रवैये बेहद नाराज हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने संगीता से कहा है कि वापमंथी विचारधारा घर से बाहर है। घर के अंदर परिवार के नियम चलेंगे, जिसके अनुसार अंतरपांथिक विवाह स्वीकार्य़ नहीं है।

















