आतंकवाद के अंदेशे, गैंगस्टरवाद और नशे की समस्या से जूझ रहे पंजाब की पुलिस क्या मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के जूतों की सुरक्षा कर रही है? सादगी के नाम पर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की सरकार में मुख्यमंत्री के दो जूतों (एक जोड़ी) की सुरक्षा में क्या दो-दो पुलिस अधिकारी तैनात हो रहे हैं? यह विषय सोशल मीडिया पर तैर रहा है। इस संबंध में इंडियन एक्सप्रेस में रिपोर्ट भी आई है। इस पूरे मामले में पंजाब पुलिस का बयान भी आया है।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक पत्र के साथ यह चर्चा वायरल हुई कि भगवंत मान के जूतों की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारी तैनात हैं। इंडियन एक्सप्रेस में भी इस संबंध में रिपोर्ट आई। बताया गया कि पवित्र श्री मुक्तसर साहिब में नतमस्तक होने के लिए भगवंत मान गए थे। गुरुद्वारा साहिब में जाने के लिए उन्होंने गेट नंबर-7 पर अपने हाईफाई जूते उतारे। महंगे जूतों की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में दो हेडकांस्टेबल को तैनात किया गया। मुख्यमंत्री श्री मुक्तसर साहिब में 138.83 करोड़ रुपयों की लागत से शुरू होने वाली अमृत योजना 2.0 का शिलान्यास करने आए थे।
केंद्रीय राज्य मंत्री व भाजपा नेता स. रवनीत सिंह बिट्टू व भाजपा के प्रितपाल सिंह ने इसे आम आदमी पार्टी का दोहरा चेहरा बताते हुए कड़ी निंदा की है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे पंजाब के मुख्यमंत्री व मंत्री शाही जीवन व्यतीत कर रहे हैं और इसका भुगतान राज्य की जनता को करना पड़ रहा है, वह भी विकास की कीमत पर।
क्या कहा पुलिस ने
एसएसपी डा. अखिल चौधरी का कहना है कि मीडिया में चल रही खबर गलत है। मुख्यमंत्री का केवल सीवरेज और जल आपूर्ति प्रोजेक्ट के शिलान्यास का कार्यक्रम था। इसके अलावा और कहीं भी जाने का कार्यक्रम नहीं था। किसी भी कर्मचारी की जूतों की निगरानी के लिए ड्यूटी नहीं लगाई गई। मुख्यमंत्री का गुरुद्वारा साहिब जाने का कार्यक्रम भी नहीं था।

















