अक्टूबर 2025 में सरकार को सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) से कुल ₹1,95,936 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह पिछले साल अक्टूबर 2024 में एकत्रित ₹1,87,346 करोड़ की तुलना में 4.6% ज्यादा है। यानी इस बार सरकार को लगभग ₹8,590 करोड़ अधिक कर मिला है।
जीएसटी संग्रह में लगातार बढ़ोतरी- सितंबर 2025 के अंत में जीएसटी दर युक्तिकरण (Rate Rationalisation) शुरू होने के बाद से कर संग्रह में तेजी देखी जा रही है। इसका बड़ा कारण त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ी उपभोक्ता मांग है। लोग खरीदारी ज्यादा कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों की बिक्री और जीएसटी भुगतान दोनों बढ़े हैं। अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 तक जीएसटी राजस्व में 7.8% की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल यह आंकड़ा ₹9,65,138 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹10,40,055 करोड़ हो गया है। रेलू स्तर पर जीएसटी राजस्व में भी 2% की बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर 2024 में घरेलू जीएसटी संग्रह ₹1,42,251 करोड़ था, जो अक्टूबर 2025 में बढ़कर ₹1,45,052 करोड़ हो गया है।
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क्या बताता है यह आंकड़ा- इन आंकड़ों से साफ है कि भारत की आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। दरअसल, त्योहारी मौसम में उपभोक्ताओं की खरीदारी बढ़ने, उद्योगों में उत्पादन में सुधार और डिजिटल भुगतान के प्रसार ने जीएसटी संग्रह को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। सरकार के लिए यह संकेत है कि आर्थिक सुधार स्थिर रूप से आगे बढ़ रहा है और जीएसटी प्रणाली के तहत टैक्स अनुपालन (Tax Compliance) भी बेहतर हो रहा है।











