मध्य प्रदेश के बुरहानपुर ज़िले के देवहरी गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक जबूर अहमद ने छात्रों को नमाज का तरीका सिखाया। जिसकी शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जबूर अहमद को निलंबित कर दिया। इसके बाद अब आरोपित शिक्षक की सफाई भी सामने आई है।
आरोपित जबूर अहमद कहना है कि वे योग की मुद्रा सिखा रहे थे, जिसे कुछ लोगों ने गलत समझ लिया।
वहीं घटना के बाद हिंदू जागरण मंच के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन के जिला संयोजक अजीत ने कहा कि यह जानबूझकर किया गया कार्य था और इससे हिंदू समाज की भावना आहत हुई है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक बच्चों से नमाज की मुद्राएं करवाते पाए गए।
वहीं शिक्षा विभाग ने शिकायत के बाद तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही बुरहानपुर के अतिरिक्त कलेक्टर वीर सिंह चौहान ने बताया कि शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
वहीं, शिक्षक जबूर अहमद ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई में कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं।
जबूर अहमद ने सफाई देते हुए कहा कि वे बच्चों को “शशांकासन” नामक योग मुद्रा सिखा रहे थे, जिसे कुछ लोगों ने नमाज की मुद्रा समझ लिया। उनका कहना है कि वे सरकार के निर्देशों के अनुसार योग पढ़ा रहे थे और इस कक्षा का किसी मजहब/धर्म से कोई संबंध नहीं था।

















