देवभूमि उत्तराखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। अगले महीने राष्ट्रपति मुर्मू द्रौपदी और पीएम मोदी का आगमन होने वाला है और पूरे राज्य में उत्सवी माहौल में रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने वाले हैं। 9 नवंबर को देवभूमि उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष (रजत जयंती) पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर राज्य में एक नवंबर से नौ नवंबर तक रजत जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक दिन अलग-अलग विषय पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सचिव धार्मिक कार्य, संस्कृति युगल किशोर पंत ने बताया कि रजत जयंती समारोह के उद्घाटन दिवस 01 नवम्बर 2025 को प्रथम सत्र में प्रातः 11.00 बजे से अपरान्ह 02.00 बजे तक लोकनृत्य प्रस्तुति, द्वितीय सत्र में अपरान्ह 03.30 बजे से अपरान्ह 05.00 बजे तक भातखण्डे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय पौड़ी के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति तथा तृतीय सत्र में सायं 06.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक श्रीमती रामेश्वरी भट्ट द्वारा जागर गायन, नागालैण्ड के यूलीखेड़ी की प्रस्तुति, श्री सुरेश वाडेकर द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 2 नवम्बर को प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक लोकनृत्य प्रस्तुति, हिमाचल के सांस्कृतिक दलों द्वारा नाटी प्रस्तुति, नृत्यांगन संस्था द्वारा गंगा अवतार की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र में अपरान्ह 3.30 बजे से सायं 5 बजे तक उत्तराखण्ड में सिनेमा विषय पर पैनल चर्चा, आर्या नन्दा द्वारा ओडिसी नृत्य तथा तृतीय सत्र में सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक श्रीमती कमला देवी द्वारा लोक गायन प्रस्तुति, श्री विपुल राय द्वारा सिम्फनी ऑफ हिमालया प्रस्तुति तथा नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा लोक गायन प्रस्तुति दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि 3 नवम्बर को प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक जनजातीय लोक नृत्य प्रस्तुति, तिब्बती कला संस्थान धर्मशाला द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, हिमाचल प्रदेश के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपरान्ह 3.30 बजे से सायं 5 बजे तक उत्तराखण्ड की लोक भाषा एवं संस्कृति पर पैनल चर्चा तथा तृतीय सत्र सायं 6 बजे से 9 बजे तक श्री ऋत्विज पंत द्वारा शास्त्रीय गायन तथा श्री चित्रांक पंत द्वारा तबला वादन, तिब्बती कला संस्थान धर्मशाला द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति तथा पं. विश्व मोहन भट्ट द्वारा मोहन वीणा वादन का आयोजन किया जाएगा।
4 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से अपरान्ह 02.00 बजे तक जनजातीय लोक नृत्य प्रस्तुति, असम के लोक नृत्य एवं गायन की प्रस्तुति, हिमाचल प्रदेश के लोक नृत्य एवं गायन की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपरान्ह 03.30 बजे से अपरान्ह 05.00 बजे तक हिमालय में रंगमंच विषय पर पैनल चर्चा, तृतीय सत्र सायं 06.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक श्री योगेश खेतवाल द्वारा शास्त्रीय गायन प्रस्तुति, श्री रोनू मजूमदार एवं मैसूर मंजूनाथ द्वारा बांसुरी एवं वायलिन जुगलबंदी, पंडित हरीश गंगानी एवं नयनिका खंडूरी द्वारा कथक जुगलबंदी प्रस्तुति दी जाएगी। 5 नवम्बर को प्रातः 11:00 बजे से अपरान्ह 02:00 बजे तक पौराणिक लोक वाद्यों की प्रस्तुति, तिब्बती होम फाउंडेशन राजपुर द्वारा तिब्बती लोक नृत्यों की प्रस्तुति, श्री मणिपुरी बसंत रासलीला कार्यक्रम की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपरान्ह 03:30 बजे से अपरान्ह 05:00 बजे तक डॉ. एहसान बख्श एनएसडी द्वारा नाट्य प्रस्तुति, तृतीय सत्र अपरान्ह 06:00 बजे से अपरान्ह 09:00 बजे तक पंडित राहुल शर्मा द्वारा संतूर वादन, ओजस अढिया द्वारा तबला वादन तथा श्रीमती मालिनी अवस्थी द्वारा लोक संगीत की प्रस्तुति होगी।
6 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से अपरान्ह 02.00 बजे तक जनजातीय लोकनृत्यों की प्रस्तुति, गंधर्व महाविद्यालय एवं सुभारती संस्थान देहरादून द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपरान्ह 03.30 बजे से अपरान्ह 05.00 बजे तक नन्दा राजजात विषय पर पैनल चर्चा, तृतीय सत्र सायं 06.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक श्री मोहन रावत द्वारा संतूर वादन, चित्रांक पंत द्वारा तबला वादन, श्री निशिथ गंगानी एवं हिमांशु दरमोड़ा द्वारा लैण्डेड रिदमस्थान बैण्ड की प्रस्तुति तथा श्री प्रीतम भरतवाण द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे। सचिव ने बताया कि 7 नवम्बर को प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक उत्तराखण्ड के लोक नृत्यों की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपरान्ह 3.30 बजे से सायं 5 बजे तक हिमालय में भोजन, विरासत एवं उत्तराधिकार विषय पर पैनल चर्चा, तृतीय सत्र सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक डा. सोनल मानसिंह द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति तथा पाण्डवाज बैण्ड की प्रस्तुति दी जाएगी।
8 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से अपरान्ह 02.00 बजे तक उत्तराखण्ड के लोकनृत्यों की प्रस्तुति, भातखण्डे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय अल्मोड़ा द्वारा प्रस्तुति, जम्मू-कश्मीर के लोकनृत्यों की प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपरान्ह 03.30 बजे से अपरान्ह 05.00 बजे तक भातखण्डे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय देहरादून द्वारा प्रस्तुति, डा. विजय भट्ट द्वारा चिकित्सा में संगीत की भूमिका (संगीत चिकित्सा), एमकेपी महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, तृतीय सत्र सायं 06.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक पंडित रितेश एवं रजनीश मिश्रा द्वारा शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति, डा. हरिओम पंवार, श्री विष्णु सक्सेना, श्री शम्भू शिखर, श्री तेज नारायण बेचैन, सुश्री श्वेता सिंह द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 09 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से अपरान्ह 02.00 बजे तक उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति की प्रस्तुति, सुनहरे घुंघरू नृत्य विद्यालय एवं अर्धांग संस्थान देहरादून द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, द्वितीय सत्र अपरान्ह 03.30 बजे से अपरान्ह 05.00 बजे तक उत्तराखण्ड की गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी एवं थारू जनजातियों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति, तृतीय सत्र सायं 06.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक भूटान बैण्ड (मिस्टी टैरेस) द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति मुर्मू द्रौपदी 3 नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी,जबकि प्रधानमंत्री मोदी 11 नवंबर को एफआरआई में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।

















