Parakh By Hitesh Shankar: परख के इस विशेष अंक में हम समझेंगे पाकिस्तान की उस सच्चाई को, जो नारों और नफरत के बीच खो गई है। वो मुल्क, जो कभी इस्लाम के नाम पर बना — आज मजहब, सियासत और सेना की तिकड़ी में बिखर रहा है। लाहौर की गलियों से लेकर इस्लामाबाद की सत्ता तक, हर जगह सवाल गूंज रहा है — क्या पाकिस्तान खुद अपनी नीतियों का शिकार बन गया है? संपादक हितेश शंकर का पूरा विश्लेषण देखिए — तहरीक-ए-लब्बैक, सेना-सियासत का टकराव, और मजहबी उन्माद की सच्चाई — सिर्फ Panchjanya के विशेष कार्यक्रम “परख” में।
















