महाराष्ट्र एटीएस ने पुणे के कोंढवा इलाके से आतंकी गतिविधियों में लिप्त एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर को गिरफ्तार किया है। एटीएस को जुबैर के अल-कायदा से जुड़े होने की जानकारी मिली है। उस पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (UAPA) की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। एटीएस के मुताबिक हंगरगेकर देशद्रोही गतिविधियों में शामिल था और महाराष्ट्र के अलावा अन्य शहरों में धमाकों की साजिश रच रहा था। पाकिस्तान के अल-कायदा जैसे प्रतिबंधित संगठनों से लिंक और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में भूमिका के चलते पिछले एक महीने से आरोपित जुबैर हंगरगेकर की निगरानी की जा रही थी। विशेष यूएपीए अदालत ने उसे चार नवंबर तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस ने आतंकवाद से जुड़े एक केस में पुणे में 9 अक्टूबर 2025 को जगह-जगह छापेमारी की थी। इसी क्रम में सोमवार (27 अक्टूबर) को एटीएस ने जुबैर को पकड़ा। छापेमारी के दौरान तमाम इलेक्ट्रोनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद की गई थी। महाराष्ट्र एटीएस का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह अल-कायदा से जुड़ा था और अपनी प्रोफेशनल पहचान के पीछे छिपकर महाराष्ट्र और दूसरे शहरों में देश विरोधी और आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहा था।
कौन है जुबैर हंगरगेकर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में जन्मा जुबैर हंगरगेकर एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में पला-बढ़ा। उसे बचपन से ही तकनीकी का शौक था। वह स्कूल-कॉलेज में क्रिकेट और फुटबॉल टीम का कैप्टन रहा, जहां उसका नेतृत्व कौशल निखरा। उसने वर्ष 2005 से 2009 तक वालचंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सोलापुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग किया। ग्रेजुएशन के बाद वह पुणे चला गया, जहां आईटी हब की चकाचौंध ने उसे अपनी ओर आकर्षित किया। जुबैर के अब्बा छोटे बिजनेस में, मां गृहणी और दो छोटे भाई-बहन हैं। ATS की जांच में पाया गया कि वह फ्रीलांसर के तौर पर भी एक्टिव-प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग में एक्सपर्ट था, जहां हर चीज को वह बहुत जल्दी सॉल्व करता। लिंक्डइन पर उसके 500 से अधिक कनेक्शन्स हैं। ये स्किल्स ही उसके डार्क वर्क का हथियार बने।
बताया जाता है कि 2023-24 में सोशल मीडिया पर ‘रेडिकल एक्सपोजर’ से उसकी जिंदगी ही बदल गई। ATS के अनुसार, अल-कायदा के हैंडलर्स से वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए कनेक्ट था। इसमें युवाओं को ऑनलाइन जिहाद में फंसाने का रोल, 20 से अधिक टारगेट्स, जिनमें पुणे-मुंबई के छात्र, प्रोपेगैंडा वीडियोज, जिहादी लिटरेचर शेयर करना था।
दिल्ली-भोपाल के ISIS मॉड्यूल के बाद ATS की तीसरी बड़ी सफलता
ये गिरफ्तारी दिल्ली-भोपाल के आईएसआईएस मॉड्यूल के बाद एटीएस की तीसरी बड़ी स्ट्राइक है, जो अल-कायदा की ऑनलाइन कट्टरपंथ मशीनरी को एक्सपोज कर रही है। दरअसल, महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और पुणे पुलिस ने कट्टरता फैलाने की सूचना मिलने के बाद 9 अक्टूबर को देर रात से अगली सुबह तक कोंढवा इलाके में बड़ी कार्रवाई की थी। गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस छापेमारी में 18 ठिकानों पर दबिश दी गई, जिसमें कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई थी। यह छापेमारी चार पुलिस थाना क्षेत्रों में की गई, जहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

















