कोलकाता के मेयर और टीएमसी लीडर फिरहाद हकीम का क्षेत्र कहे जाने वाले चेतला इलाके में शनिवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे एक कार मैकेनिक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। अशोक पासवान नाम का ये शख्स दोस्तों के साथ बस स्टैंड के पास शराब पी रहा था। उसी दौरान किसी ने अचानक उसके गले में रॉड घुसेड़ दिया। खून से लथपथ अशोक ने अपनी जान बचाने के लिए अपने बहन के घर की ओर करीब 100 मीटर दौड़ लगाई, लेकिन रास्ते में ही गिर पड़ा। पड़ोसियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्या है पूरा मामला
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अशोक पासवान चेतला के 17A/17B बस स्टैंड के पास रहता था। वो रोजगार के लिए कारों की मरम्मत करता था। शनिवार की शाम को वो कुछ दोस्तों के साथ इकट्ठा हुआ। सब शराब के नशे में थे। बातों-बातों में बहस शुरू हो गई – क्या वजह थी, ये अभी साफ नहीं। अचानक एक शख्स ने चाकू निकाली और अशोक के गले पर जोरदार वार किया। गहरी चोट लग गई। अशोक दर्द से चीखा, लेकिन भागने की कोशिश की। वो खून उगलता हुआ सड़क पर दौड़ा करीब 100 मीटर तक भागने के बाद बहन के घर पहुंचने से पहले ही सड़क पर गिर गया। आसपास के लोग दौड़े, उसे रिक्शे में लादकर SSKM अस्पताल ले गए। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने कहा – बहुत देर हो चुकी है।
पकड़े गए तीन लोग
चेतला थाने की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। उन्होंने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया, जो झगड़े में शामिल थे। इनसे पूछताछ चल रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम झगड़े की सटीक वजह जानने की कोशिश कर रहे हैं। मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ।” गवाहों से बातचीत हो रही है, ताकि पूरी घटना का पता चले। पुलिस का कहना है कि इलाके में रात के समय शराबी झगड़े आम हैं, लेकिन इस बार मामला गंभीर हो गया। शव का पोस्टमॉर्टम हो चुका है, जिसमें गले की चोट को मौत का कारण बताया गया।
इलाके वालों की पुरानी शिकायतें
ये बस स्टैंड मेयर फिरहाद हकीम और उनकी बेटी का फेवरेट स्पॉट है। यहां अक्सर सामाजिक कार्यक्रम होते हैं। लेकिन रात के वक्त यहां शराब की पार्टियां और गुंडागर्दी का माहौल बन जाता है। स्थानीय लोग सालों से शिकायत करते आ रहे हैं। एक महिला ने न्यूज चैनल से कहा, “पहले भी ऐसी हिंसक घटनाएं हुई हैं। बार-बार अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं। पुलिस वाले भी इंसान हैं, उन पर दबाव होता है।” लोग बताते हैं कि रात दो-तीन बजे तक शोर मचता रहता है, लड़ाई-झगड़े होते हैं। ये पार्टियां अनियंत्रित हो जाती हैं, और सुबह तक साफ-सफाई का इंतजार। मेयर के वॉर्ड में होने के बावजूद, ये समस्या जस की तस बनी हुई है।











