दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन ASEAN में 1990 के बाद पहली बार किसी नए देश को इसमें शामिल किया गया है। ये देश है पूर्वी तिमोर, जिसे तिमोर लेस्ते भी बोलते हैं। ये एक छोटा सा देश है, जहां सिर्फ 14 लाख लोग रहते हैं। ये इलाका सबसे युवा और सबसे गरीब माना जाता है। लेकिन अब ये आसियान का हिस्सा बन गया है, जो क्षेत्र में एकता और विकास के लिए बड़ा कदम है। कुआलालंपुर में एक साधारण सेरेमनी हुई, जहां 10 पुराने सदस्यों के झंडों के साथ पूर्वी तिमोर का झंडा भी लहराया।
पूर्वी तिमोर के प्रधानमंत्री सनाना गुस्माओ ने वहां खड़े होकर कहा कि ये उनके लोगों के लिए एक बड़ा पल है। उन्होंने बाकी लीडर्स से बात करते हुए कहा, “आज इतिहास बन गया। ये सिर्फ सपना पूरा होना नहीं, बल्कि हमारी मेहनत की सच्चाई है।” गुस्माओ ने बताया कि उनका देश व्यापार, निवेश, पढ़ाई और डिजिटल दुनिया में नए मौके तलाशेगा। वो कहते हैं कि ये सीखने और अच्छे गवर्नेंस का समय है। पूर्वी तिमोर के लोग ज्यादातर युवा हैं, और गरीबी से जूझ रहे हैं, लेकिन संगठन में आने से उम्मीदें बढ़ गई हैं। आसियान अब 11 देशों का हो गया है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया की आधी से ज्यादा आबादी को कवर करता है।
ब्राजील भी ज्वाइन करना चाहता है आसियान
दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील भी आसियान में पूर्ण सदस्य बनना चाहता है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा ने साफ कहा है कि वो इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। लूला का मानना है कि इससे दोनों इलाकों के बीच व्यापार और रिश्ते मजबूत होंगे। ब्राजील पहले से ही आसियान के साथ डायलॉग पार्टनर है, लेकिन अब फुल मेंबरशिप की बात चल रही है। ये कदम ग्लोबल कनेक्शन को और गहरा करेगा, खासकर ट्रेड और इन्वेस्टमेंट में। आसियान के मौजूदा मेंबर्स जैसे इंडोनेशिया, थाईलैंड और वियतनाम पहले से ही ब्राजील के साथ अच्छे बिजनेस कर रहे हैं। लूला ने कहा कि ये स्टेप साउथ-साउथ कोऑपरेशन को बूस्ट देगा।
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पीएम मोदी वर्चुअली अटेंड करेंगे शिखर सम्मेलन
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, लेकिन वर्चुअल तरीके से। ये फैसला मलेशिया विजिट और वहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने की अफवाहों को रोक देगा। सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में चल रहा है। मोदी का ये जुड़ाव भारत-आसियान रिश्तों को मजबूत करने का संकेत है।
भारत पहले से ही आसियान का डायलॉग पार्टनर है, और ये मीटिंग ट्रेड, सिक्योरिटी और कल्चरल एक्सचेंज पर फोकस करेगी। अफवाहें थीं कि मोदी मलेशिया जाएंगे, लेकिन अब साफ है कि वर्चुअल ही रहेगा। आसियान के साथ भारत के ट्रेड का आंकड़ा पिछले साल 100 बिलियन डॉलर के पार गया था, और ये और बढ़ने की उम्मीद है। गुस्माओ जैसे लीडर्स के साथ बातचीत से पूर्वी तिमोर पर भी फोकस रहेगा।

















