अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के साथ जल्द कोई हाई-लेवल मीटिंग न करने का ऐलान कर दिया है। उनका कहना है कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का कोई ठोस डील न होने तक वो अपना टाइम वेस्ट नहीं करेंगे। ये बात उन्होंने शनिवार को एयर फोर्स वन पर सवार होकर एशिया ट्रिप के दौरान प्रेस से कही। लेकिन, इसके साथ ही ट्रंप ने पुतिन से अपनी पुरानी दोस्ती का जिक्र तो किया, लेकिन बोले कि वो इस मामले में बहुत निराश हैं। एक तरफ रूस और अमेरिका के बीच डिप्लोमेसी की कोशिशें चल रही हैं, वहीं यूएस और यूरोपीय यूनियन ने रूस पर नए सैंक्शन्स ठोक दिए हैं। ये सब यूक्रेन युद्ध के बीच हो रहा है, जहां हाल ही में बडापेस्ट में प्लान्ड समिट भी कैंसल हो गई। ट्रंप साफ कहते हैं – डील गारंटीड हो, तभी मिलेंगे।
ट्रंप का बयान-टाइम वेस्ट नहीं करूंगा
ट्रंप ने कहा, “मैं तो जानना चाहूंगा कि डील हो जाएगी। मैं अपना टाइम वेस्ट नहीं करूंगा।” वो पुतिन के साथ अपनी रिलेशनशिप को ‘ग्रेट’ बताते हैं, लेकिन बोले, “पुतिन के साथ हमेशा अच्छे रिलेशन रहे, लेकिन ये बहुत डिसअपॉइंटिंग है। मुझे लगता था कि मिडिल ईस्ट में पीस से पहले ये सेटल हो जाएगा।” ये स्टेटमेंट एयर फोर्स वन पर एशिया जाने के दौरान आया। इससे पहले बुडापेस्ट में प्लान्ड समिट भी डिप्लोमेटिक प्रोग्रेस न होने से फेल हो गई, जो ट्रंप के स्टैंड को और मजबूत करता है।
रूसी दूत की अमेरिका विजिट
रूस के स्पेशल एन्वॉय किरिल दिमित्रिएव ने फ्लोरिडा में अमेरिकी स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकॉफ से शुक्रवार और शनिवार को मीटिंग की। फोकस था यूक्रेन वॉर खत्म करने पर। दिमित्रिएव ने सीएनएन को इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगता है रूस, यूएस और यूक्रेन डिप्लोमेटिक सॉल्यूशन के काफी क्लोज हैं।” उन्होंने यूक्रेन प्रेसिडेंट वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के शिफ्ट की तारीफ की – पहले ज़ेलेंस्की कहते थे कि रूस को पूरी तरह बाहर जाना चाहिए, लेकिन अब वो बैटल लाइन्स को मान रहे हैं।
दिमित्रिएव बोले, “ज़ेलेंस्की का ये बड़ा मूव है कि वो बैटल लाइन्स को एक्नॉलेज कर रहे हैं। पहले पोजीशन थी कि रूस पूरी तरह छोड़ दे, लेकिन अब लगता है डिप्लोमेटिक सॉल्यूशन वर्क आउट हो सकता है।”
नए सैंक्शन्स का दबाव
इसी बीच, अमेरिका ने रूस की दो बड़ी ऑयल कंपनियों पर सैंक्शन्स लगाए, ताकि मॉस्को पर यूक्रेन वॉर को लेकर प्रेशर बने। यूरोपीय यूनियन ने भी रूस के ऑयल और गैस सेक्टर पर पैरेलल सैंक्शन्स लॉन्च किए। पुतिन ने इन्हें ‘सीरियस’ और ‘अनफ्रेंडली एक्ट’ करार दिया। लेकिन ये भी कहा कि बोले कि रूस की इकोनॉमी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
















