भुवनेश्वर। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में गौतस्कर फिर से एक बार सक्रिय हो गये हैं। दक्षिण ओडिशा के जिलों से राष्ट्रीय राजमार्ग 326 के जरिये गौ तस्कर गौवंश को आंध्र प्रदेश के लिए तस्करी कर रहे हैं। स्थानीय गौरक्षकों के प्रयासों से एक गौवंश से भरे ट्रक को स्थानीय पुलिस ने बरामद किया। इस ट्रक में 40 गौवंश छुडाये गये।
6 गौवंशों की मौत
काफी दयनीय स्थिति में उन्हें लादे जाने के कारण छह गौवंशों की मौत हो चुकी थी। गौवंशों की मौत होने के बारे में जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में काफी रोष देखा गया। स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोरापुट जिले के जयपुर सदर थाना क्षेत्र के 326 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के एयरपोर्ट चौक के पास से एक ट्रक जब्त किया गया, जो नवरंगपुर से आंध्रप्रदेश के भद्राचलम की ओर जा रहा था। जयपुर के कुछ गौरक्षक कार्यकर्ताओं को गो-तस्करी की सूचना मिली थी। गौतस्करी किये जाने की सूचना मिलने के बाद वे बोरिगुमा से जयपुर सदर थाना तक अलग-अलग चौकों पर ट्रक की निगरानी कर रहे थे।
जैसे ही ट्रक जयपुर सदर थाना क्षेत्र में पहुँचा, उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और गायों से भरे ट्रक को जब्त कर लिया। बाद में ट्रक को थाना लाया गया और चालक तथा हेल्पर को हिरासत में लिया गया। स्थानीय गौरक्षकों लिखित शिकायत दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और जब्त की गई 40 गायों में से 34 को पांजियागुड़ा गोशाला में रखा। वहीं 6 गायों की मौत हो गई थी। ट्रक चालक पी. राजा के अनुसार, उसने नवरंगपुर के पास ट्रक में गायों को लोड किया था। यह ट्रक आंध्रप्रदेश के भद्राचलम जाने वाला था, जहाँ से गायों को दूसरे ट्रक में हैदराबाद ले जाया जाना था।
जानकारी के बाद भी कार्रवाई नहीं करती पुलिस
सदर थाना प्रभारी सच्चिंद्र प्रधान ने बताया कि ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया गया है और सभी गायों को पांजियागुड़ा गोशाला में रखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन नवरंगपुर-जयपुर मार्ग से सैकड़ों गायों को ट्रकों मंा भरकर लिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन व पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी होते हुए भी ठोस कार्रवाई नहीं करती है पुलिस कुछ दिनों तक खानापूर्ति के लिए जांच करती है लेकिन फिर चुप्पी साध लेती है। यही कारण ही इस तरह की अवैध गतिविधि कम होने के बजाय लगातार बढती जा रही है।
पुलिस कार्रवाई न करने के कारण हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता व गौरक्षक इन वाहनो को रोककर पुलिस को सौंप रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य में अवैध रुप से गौतस्करी को रोकने के लिए बाकयदा कानून है । कटक हाइकोर्ट ने भी अवैध गौतस्करी को रोकने के लिए सरकार से कडी कार्रवाई करने के आदेश दिया है । लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन गौतस्करों पर नकेल कसने के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करती है और इसी कारण प्रतिदिन गौवंश से लदे वाहन दक्षिण ओडिशा के विभिन्न जिलों से आध्र प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर गैर कानूनी तरीके से ले जाया जा रहा है। सरकार व प्रशासन को चाहिए वह इसे रोकने के लिए आवश्यक व पर्याप्त कदम उठाये ।

















