बीएसएफ ने भारतीय नस्लों के कुत्तों को प्रशिक्षण देकर विदेशी नस्लों को पीछे छोड़ने वाली सर्वोत्तम उपलब्धि हासिल की है। टेकनपुर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से इन कुत्तों को प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही प्रजनन कार्यक्रमों के माध्यम से इनकी संख्या बढ़ाई गई और यह पहल अब सहायक K9 प्रशिक्षण केंद्रों और क्षेत्रीय इकाइयों तक फैल चुकी है।
वर्तमान में, 150 से अधिक भारतीय नस्लों के कुत्ते देश की विभिन्न सीमाओं और नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात हैं। इनकी फुर्ती, सहनशक्ति और क्षमता ने भारतीय श्वानों को सुरक्षा बलों में एक मजबूत स्थान दिलाया है। वर्ष 2024 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट में बीएसएफ की मुधोल हाउंड “रिया” ने ‘सर्वश्रेष्ठ ट्रैकर ट्रेड श्वान’ और ‘डॉग ऑफ द मीट’ का खिताब जीत कर यह साबित कर दिया कि भारतीय नस्लें किसी भी विदेशी नस्ल से कम नहीं हैं।
रामपुर हाउंड और मुधोल हाउंड जैसी भारतीय नस्लों को बीएसएफ में शामिल किया गया। रामपुर हाउंड उत्तर प्रदेश की रामपुर रियासत की विशेष नस्ल है, जो अपनी गति, वीरता और निर्भीकता के लिए जानी जाती है। मुधोल हाउंड दक्कन का मूल निवासी श्वान है, जिसका इतिहास मराठा सेनाओं और राजा मलोजीराव घोरपड़े से जुड़ा है। दोनों नस्लों की उच्च फुर्ती, अनुकूलनशीलता और रोग-प्रतिरोधक क्षमता इन्हें भारत की विविध जलवायु में आदर्श बनाती है। आने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में भारतीय नस्लों के श्वानों की मार्चिंग टुकड़ी बीएसएफ का प्रतिनिधित्व करेगी। इस अवसर पर श्वानों की सामरिक कुशलता और परिचालन दक्षता का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस पहल ने न केवल सुरक्षा बलों में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी गौरव को बढ़ाया है, बल्कि भारतीय श्वानों की वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता का भी प्रदर्शन किया है। धानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन ने इस पहल को नई दिशा दी, और यह आज भारत की K9 शक्ति का प्रतीक बन चुकी है।

















