ओपनएआई ने मंगलवार को अपना नया और अनोखा एआई-संचालित वेब ब्राउजर चैटजीपीटी एटलस (ChatGPT Atlas) लॉन्च किया है। इस लॉन्च के बाद टेक जगत में हलचल मच गई है। इसकी घोषणा के कुछ घंटों के भीतर ही गूगल के शेयर करीब 5% गिर गए, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य लगभग 100 अरब डॉलर घट गया। विशेषज्ञ इसे गूगल क्रोम जैसे लोकप्रिय ब्राउजरों के लिए एक सीधी चुनौती मान रहे हैं, जिसके दुनिया भर में लगभग 3 अरब यूज़र हैं।
चैटजीपीटी एटलस को खासतौर पर इस तरह बनाया गया है कि यह सिर्फ सर्च इंजन नहीं, बल्कि एक स्मार्ट असिस्टेंट की तरह काम करे। यूजर्स इसमें इंटरनेट पर जानकारी खोजने, फ्लाइट बुक करने, दस्तावेज़ एडिट करने, और कई तरह के ऑनलाइन काम करने में मदद पा सकते हैं। जब कोई वेबसाइट खुलती है, तो उस पर एक “ChatGPT से पूछें” बटन दिखाई देता है। इस बटन पर क्लिक करने पर एक साइडबार खुलता है, जहां यूज़र उस वेबसाइट के कंटेंट से सीधे बातचीत कर सकता है।एटलस का सबसे दिलचस्प फीचर है इसका “एजेंट मोड”। यह मोड किसी काम को शुरू से अंत तक खुद ही पूरा कर सकता है। उदाहरण के लिए, अगर यूज़र किसी रेसिपी की तलाश कर रहा है, तो एटलस न केवल रेसिपी ढूंढेगा, बल्कि उससे जुड़ी किराने की चीज़ें ऑर्डर करने में भी मदद करेगा। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि “एटलस ब्राउज़र की उपयोगिता को नए सिरे से परिभाषित करेगा।” फिलहाल यह ब्राउजर MacOS के लिए उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही इसे Windows, iOS, और Android डिवाइसों के लिए भी जारी किया जाएगा। चैटजीपीटी के पहले से ही 80 करोड़ सक्रिय यूजर हैं। ऐसे में एटलस के आने से ओपनएआई अब डिजिटल विज्ञापन, सशुल्क सेवाओं, और स्मार्ट वेब टूल्स के जरिए कमाई के नए रास्ते खोलने जा रहा है। यह लॉन्च इंटरनेट की दुनिया में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है।










