इस बार दीपावली अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के लिए एक सुखद संदेश लेकर आई है। इस बार कैलिफोर्निया में दीप पर्व पर अवकाश की घोषणा की गई है। इसके लिए इस माह एक कानून पारित किया गया है, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा। इसी के साथ दीपावली को राजकीय अवकाश घोषित करने वाला कैलिफोर्निया अमेरिका का तीसरा राज्य बन गया है।
इससे पहले पेंसिल्वेनिया और कनेक्टिकट में दीपावली को राजकीय अवकाश घोषित किया जा चुका है। यह कानून राज्य के सरकारी स्कूलों, कम्युनिटी कॉलेजों और राज्य कर्मचारियों को दीपावली पर अवकाश लेने की अनुमति देता है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के पूर्व सलाहकार, सिलिकॉन वैली के एक प्रमुख उद्यमी और भारतीय अमेरिकी समुदाय के समर्थक अजय जैन ने इस कदम की सराहना की है।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और कोएलिशन ऑफ हिंदूज इन नॉर्थ अमेरिका जैसे संगठनों ने इस कानून के लिए वकालत की थी। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक समीर कालरा कहते हैं कि दीपावली पर छात्रों को अवकाश लेने की अनुमति और राज्य कर्मचारियों को भुगतान के साथ अवकाश देना एक बड़ा कदम है।
बता दें कि कैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के अमेरिकी रहते हैं। प्यू रिसर्च सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025 के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले भारतीयों में से लगभग 20 प्रतिशत कैलिफोर्निया में रहते हैं। साउथ एशियन नेटवर्क के चेयरमैन रोहित शेंद्रिकर ने कहा, ‘‘यह कानून न केवल दक्षिण एशियाई समुदाय को मान्यता देता है, बल्कि उनके योगदान को भी स्वीकार करता है। अब हमारे बच्चे अपने दोस्तों के साथ अपनी परंपराएं साझा कर सकेंगे।’’


इससे पहले पेंसिल्वेनिया के सीनेटर ग्रेग रोथमैन और सीनेटर निकिल सावल ने फरवरी 2023 को प्रांत की सीनेट में दीपावली को आधिकारिक अवकाश घोषित करने वाला एक प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव पारित होने के बाद सीनेटर निकिल सावल ने ट्वीट किया था, ‘‘रोशनी के इस त्योहार को मनाने वाले सभी पेंसिल्वेनिया वासियो, आपका स्वागत है। आप हमारे लिए महत्व रखते हैं।’’ इसके बाद अक्तूबर 2024 में दीपावली को सरकारी अवकाश के रूप में मान्यता देने वाला यह पहला अमेरिकी राज्य बना। इसके बाद इसी वर्ष एक अन्य अमेरिकी राज्य कनेक्टिकट ने इसे राजकीय अवकाश घोषित किया।
कनेक्टिकट में डेमोक्रेट विधायक अश कालरा (सैन होजे) और दर्शना पटेल (सैन डिएगो) ने यह विधेयक पेश किया था। अश कालरा ने कहा, ‘‘दक्षिण एशियाई बच्चों के लिए यह एक गर्व का क्षण है कि अब वे खुले तौर पर दीपावली का त्योहार मना सकते हैं और अपनी खुशियां साझा कर सकते हैं।’’
















