शशि मोहन रावत
उत्तराखंड के एक छोटे से गांव बरतोली (जिला अल्मोड़ा) में जन्मे सुरेश चंद्र पांडे ने जीवन की शुरुआत उन्हीं चुनौतियों के साथ की जो पहाड़ के आम युवाओं को झेलनी पड़ती हैं। वही अभाव और पलायन की प्रवृत्ति। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने वर्षों तक कड़ी मेहनत की और एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। सुरेश ने ‘एसकेपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना की। आज इस कंपनी की गिनती तेल-गैस पाइपलाइन सर्वे, भूकंपीय अध्ययन, जलविज्ञान परीक्षण, भू-अधिग्रहण और जीआईएस आधारित सर्वे करने वाली कंपनियों में प्रमुखता के साथ होती है।
इन दिनों सुरेश इस कंपनी के मुख्य प्रबंध निदेशक हैं। सुरेश ने 1989 में अल्मोड़ा से आईआईटी शिक्षा प्राप्त की। उसी वर्ष वे वडोदरा अपने भाई के पास गए, जो आर्मी यूनिट में काम करते थे। दो माह बाद ही भाई की यूनिट पठानकोट चली गई, तो उनके भाई भी वहां चले गए। लेकिन सुरेश वडोदरा में ही रह गए। वडोदरा में एक दिन उन्हें सड़क के किनारे खराब स्कूटर से जूझते एक सरदार जी मिले।
उन्होंने उनका स्कूटर ठीक कर दिया, तो कुछ अन्य बातें भी हुईं। इसी दौरान सरदार जी ने उन्हें बडोदरा में कार्यरत ओएनजीसी की फील्ड पार्टी कैम्प में पाइप लाइन सर्वे करने हेतु आमंत्रित कर दिया, लेकिन वहां उन्हें श्रमिक का कार्य मिला। कई वर्ष तक उन्होंने संघर्ष किया और 2000 में ‘एसकेपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना की।
यह कंपनी आज देश की अग्रणी सर्वेक्षण और पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स कंपनी बन चुकी है। देश की आधारभूत संरचना के विकास में इस कंपनी का बड़ा योगदान है। कंपनी का सालाना कारोबार 275 करोड़ रुपए का है। कंपनी का मुख्यलय वडोदरा में है। हल्द्वानी, लखनऊ, जयपुर, छिंदवाड़ा, नागपुर, गुवाहाटी, जोरहाट, अगरतला, सिलीगुड़ी, काकीनाडा, रायपुर, भुवनेश्वर, हैदराबाद और विशाखापट्टनम में भी इसके कार्यालय हैं।
सुरेश कहते हैं, “हम कंपनी नहीं चला रहे, भरोसा और भविष्य बना रहे हैं।” आज भले ही सुरेश एक कंपनी चला रहे हों, लेकिन वे आज भी उस मिट्टी से जुड़े हैं, जहां उन्होंने जन्म लिया है। उस मिट्टी के कर्ज को उतारने के लिए वे उत्तराखंड के विद्यालयों को आर्थिक मदद, खेल प्रतिभाओं को समर्थन, योग प्रचार, नेत्र शिविर, वृद्ध आश्रमों की सहायता करते हैं।
सुरेश युवाओं के लिए कहते हैं, ”समय की पदचाप को पहचान कर ईमानदारी से काम करते रहें। इसके साथ ही धैर्य धारण करना सीखें। ये गुण आपको सफलता की ओर ले जाएंगे।”

















