दुर्गापुर गैंगरेप केस: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिशा की एमबीबीएस (23) स्टूडेंट से गैंगरेप के मामले बड़ा मोड़ आ गया है। पीड़िता के साथ गैंगरेप करने वाले दो आरोपी, रियाजुद्दीन और साफिक ने कोर्ट में अर्जी दी है कि वो अपना कबूलनामा करना चाहते हैं। अगर कोर्ट मान गया, तो ट्रायल में इन्हें अप्रूवर माना जा सकता है, यानी गवाह की तरह। ऐसा करके ये सजा से बचने की फिराक में हैं। पीड़िता ने बताया कि उसके क्लासमेट वासेफ अली ने उसे छेड़ा और भाग गया। इस मामले में शामिल सारे 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की पूरी कहानी
सब कुछ 10 अक्टूबर की शाम को शुरू हुआ। पीड़िता कॉलेज कैंपस से निकली, उसके क्लासमेट वासेफ अली के साथ। दोनों डिनर करने जा रहे थे। लेकिन जल्दी ही बात बिगड़ गई। एक सुनसान जंगल वाले इलाके में पहुंचते ही हमला हो गया। पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को दिए बयान में बताया कि एक आदमी ने उसे जमीन पर दबाया और रेप किया, जबकि दो और लोग तमाशा देख रहे थे। फिर रियाजुद्दीन और सफीक वहां पहुंचे। इन्होंने मदद की बजाय उन रेपिस्ट्स को बुलाया। इसके बाद पांचों ने मिलकर पीड़िता से 3,000 रुपये मांगे। उसके पास सिर्फ 200 रुपये थे, वो लूट लिए। ऊपर से उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। क्लासमेट वासेफ ने भी उसके साथ जबर्दस्ती की। जब वो बचाव करने लगी तो भाग खड़ा हुआ। पूरी घटना के बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी कौन-कौन हैं?
एमबीबीएस स्टूडेंट के साथ दरिंदगी करने वाले सारे दरिंदे मुस्लिम समुदाय से हैं। इस केस के छह आरोपी हैं। रियाजुद्दीन ये उसी मेडिकल कॉलेज का गार्ड था जहां पीड़िता पढ़ती है। पांच साल पहले अनुशासनहीनता के चलते निकाल दिया गया था। दूसरा सफीक– लोकल फैक्ट्री में काम करता था। तीसरा वासेफ अली– पीड़िता का क्लासमेट है। बाकी तीन नासिरुद्दीन, अपू बाउरी और फिरदौस है। पुलिस का कहना है कि रियाजुद्दीन और साफिक बाद में घटनास्थल पर पहुंचे थे। अगर इस मामले में दोषी साबित हुए तो गैंगरेप में 20 साल और एक्सटॉर्शन में 7 साल की सजा होगी।
पीड़िता का दर्द
पीड़िता ने बताया कि घटना वाले दिन वो अपने दोस्त के साथ खाने के लिए निकली थी। उसने बताया, “एक ने मुझे दबाया और रेप किया, दो देखते रहे। रियाजुद्दीन-साफिक आए तो मदद न की, बल्कि बाकियों को बुलाया। फिर पैसे मांगे, 200 लूटे, फोन छीना। वासेफ ने छेड़ा और भागा जब मैं लड़ रही थी।” पीड़िता के वकील पार्थ घोष ने कहा, “हमने टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड जल्दी कराने की अर्जी दी है।”
कोर्ट में क्या हो रहा?
रविवार को रियाजुद्दीन और साफिक ने लोकल कोर्ट में अर्जी दी – सेक्शन 183 के तहत कन्फेशन रिकॉर्ड कराने की। कोर्ट ने दोनों को दो दिन जेल कस्टडी में भेज दिया ताकि वो इस पर सोच सकें। अब 21 अक्टूबर को ऑर्डर आएगा। पहले ये पुलिस रिमांड पर थे। बाकी आरोपी भी कस्टडी में हैं। कोई मेडिकल डिटेल्स अभी सामने नहीं आईं है।

















